मंडी-12 फरवरी. मंडी के बिंद्रावणी में अवैध खनन रोकने गए आईएएस अधिकारी पर हुए हमले के मामले में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया है. एसडीएम ओमकांत ठाकुर पर हमला करने वाला मुख्य आरोपी खनन करने वालों में से नहीं बल्कि चिकन कॉर्नर का संचालक है. खनन माफिया के 5 लोग एसडीएम की गाड़ी को आता देख मौके से भाग गए थे. इनमें से 2 लोग ट्रैक्टर सहित और 3 मजदूर मैन्युअल खनन में लगे हुए थे.ये सभी लोग स्थानीय ठेकेदार के साथ काम करते हैं, जिनमें 2 स्थानीय और 3 मजदूर बिहार के रहने वाले हैं. पुलिस ने ठेकेदार की भी पहचान कर ली है और उसे भी इन लोगों के साथ पूछताछ के लिए थाने में बुलाया है.
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यही सच सामने आया है कि हमलावर और मुख्य आरोपी हीरा लाल बजैहल थुनाग का निवासी है. ट्रैक्टर के साथ मौजूद दो लोगों की पहचान पूर्ण चंद निवासी मड़बान सदर जिला मंडी और राजीव निवासी पंजैठी सदर जिला मंडी के रूप में हुई है. मजदूरों की पहचान तनबीर, सूरज ऋषिकेश और प्रकाश ऋषि निवासी लोहागारा किशनगंज बिहार के रूप में हुई है. ठेकेदार जितेंद्र उर्फ ज्योति शिल्हा किप्पड़ सदर जिला मंडी का रहने वाला है. ज्योति घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन अवैध खनन करवाने में इसका हाथ माना जा रहा है.अब तक की गई पुलिस तफ्तीश के अनुसार ठेकेदार के सभी लोग अवैध रूप से व्यास नदी के तट पर खनन में लगे हुए थे. जैसे ही वहां पर एसडीएम की गाड़ी पहुंची, ये लोग वहां से भाग गए. एसडीएम को व्यास नदी की ओर जाता देख चिकन कॉर्नर संचालक हीरा लाल उलझ गया. उस समय हीरा लाल नशे में धुत था और उसने अचानक एसडीएम पर हमला कर दिया. मौके पर कुछ ही दूरी पर खड़े एसडीएम के चालक ने बीच-बचाव किया और उपचार के लिए एसडीएम ओमकांत ठाकुर को जोनल अस्पताल मंडी पहुंचाया. नशे में धुत हीरा लाल कई तरह के दावे करता हुआ अपनी पहुंच सचिवालय तक बता रहा था. पुलिस ने हीरा लाल के गांव जाकर भी उसकी कुंडली खंगाली है.
एसपी मंडी ने बताया कि हमलावर हीरा लाल के खिलाफ पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में मौजूद अधिकारी पर हमला और गंभीर घायल करने और अन्य धाराओं के तहत मामला सदर थाना में दर्ज किया है. मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. जबकि अन्य पांच के खिलाफ अवैध खनन और सरकारी खनिज पदार्थ चोरी करने के आरोप के तहत आगामी जांच जारी है.
