शिमला-09 जनवरी. केंद्र सरकार से RDG ग्रांट बंद होने के बाद प्रदेश सरकार जनता पर आर्थिक बोझ लादने जा रही है। इसी कड़ी में अब स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं पर प्रदेश की जनता की जेब ढीली करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को IGMC में हुई RKS की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में IGMC में मरीजों के लिए बने स्पेशल वार्ड की दरों में बढ़ोतरी की गई है। बैठक में MRI और पैट स्कैन की जांच के नए रेट को भी मंजूरी मिल गई है। RKS की बैठक में बढ़ती लागत और संसाधनों के बेहतर रखरखाव के चलते शुल्कों में संशोधन का निर्णय लिया गया। नए प्रावधानों के तहत अब IGMC में पेट स्कैन करवाने के लिए मरीजों को 10 हजार रुपये खर्च करने होंगे। MRI जांच के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क तय किए गए हैं। MRI की सुविधा अब 2700 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक उपलब्ध होगी। इसके अलावा स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए भी संशोधित दरें लागू कर दी गई हैं. इससे पहले की तुलना में अब स्पेशल वार्ड का शुल्क बढ़ा दिया गया है, जिससे निजी सुविधा लेने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अब स्पेशल वार्ड के प्रतिदिन 2000 रुपये तक देने होंगे। शेयरिंग में स्पेशल वार्ड में भर्ती होने के लिए 1000 रुपये देने होंगे। पहले इसके लिए 750 रुपये का भुगतान करना पड़ता था सिंगल स्पेशल वार्ड के लिए 2000 रुपये देने होंगे पहले इसके लिए 1500 रुपये चुकाने पड़ते थे
इसके अलावा IGMC परिसर में चल रही सभी दुकानों से उनके वार्षिक टर्नओवर का 5 प्रतिशत शुल्क वसूला जाएगा। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से RKS की आय में बढ़ोतरी होगी।
नई दरों के बाद आम मरीजों और तीमारदारों के लिए यह फैसला महंगाई बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। नए शुल्क आज से प्रभावी हो गए हैं। बैठक में आरकेएस कर्मचारियों को छठा वेतनमान लागू करने और आठ साल का अनुबंध पूरा कर चुके कर्मचारियों को नियमित वेतनमान देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है, जिसे सरकार को भेजा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि सरकार हिम केयर और आयुष्मान भारत योजनाओं की लंबित देनदारियों के भुगतान करेगी. इससे मरीजों को इलाज में कोई परेशानी नहीं आएगी।
