शिमला-20जून. प्रदेश के सबसे बड़े शिशु अस्पताल कमला नेहरू अस्पताल शिमला में शुक्रवार दोपहर बाद एक सनसनीखेज मामला सामने आया है यहां करसोग की निहरी क्षेत्र की एक गर्भवती महिला ने अस्पताल प्रबंधन पर बच्चा चोरी होने का आरोप लगाया है। महिला व उसके पति ने इसकी शिकायत पुलिस को भी कर दी लेकिन हकीकत कुछ और ही निकला। अस्पताल प्रबंधन व पुलिस की टीम ने CCTV की खोजबीन के बाद महिला के आरोपों को झूठा साबित किया और महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही है। अस्पताल के MS डॉ. सुरिंदर नेगी के मुताबिक महिला द्वारा जो षड्यंत्र रचा गया है वह झूठा निकला है करीब एक घंटे की CCTV फुटेज खंगालने के बाद महिला के आरोप निराधार हैं। महिला ने किस उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं उसकी पुलिस खुद जांच करेगी लेकिन जिस तरह से महिला ने अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश की है उस तरह से इस महिला व उसके पति पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
बता दें कि शुक्रवार को एक सूचना मिली कि करसोग के निहरी क्षेत्र से एक महिला व उसका पति अस्पताल में इलाज करवाने आया है जिसके बाद महिला ने आरोप लगाया कि वह ट्विन बच्चों की मां बनी है। महिला ने झूठी कहानी रचते हुए अस्पताल प्रबंधन पर बड़ा आरोप लगाया और बदनाम करने की कोशिश की। महिला के मुताबिक जब उसकी डिलीवरी हुई तो इस दौरान उसने बच्चे के रोने के आवाज सुनाई दी लेकिन बाद में जब अस्पताल प्रबंधन से बच्चे मांगे तो प्रबंधन ने मृत घोषित कर दिया और बच्चे नहीं दिए। महिला की इस झूठी कहानी से शहर में हड़कंप मच गया जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ,पुलिस व मीडिया की टीमें मौके पर पहुंची जिसके बाद CCTV फुटेज खंगाले गए तो महिला व उसके पति द्वारा रची गई कहानी झूठी निकली। CCTV फुटेज के दौरान जिस तरह से यह महिला दौड़ रही थी उससे ऐसा प्रतीत हुआ कि वह न तो गर्भवती है और न उसकी कोई डिलीवरी हुई । महिला की संदिग्धता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने DDUअस्पताल से मेडिकल करवाया है जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। फिलहाल इस झूठी कहानी की असलियत जानने के लिए प्रबंधन ने मामला दर्ज करवाया है जिसकी जांच पुलिस कर रही है।