पालमपुर- 17 नवम्बर. पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शान्ता कुमार ने कहा कि बद्दी की पुलिस अधीक्षक इलमा अफरोज का रात के समय अपना सामान समेट कर बद्दी से चले जाना एक रहस्य बना हुआ है। प्रतिदिन यह रहस्य और गंभीर होता जा रहा है। उन्हें विशेष रूप से शिमला बुलाया गया था और उसके बाद वे बद्दी आई, रात के समय सामान समेटा और अपने घर चली गई। उन्होंने कहा कि यदि उसने कोई अपराध किया है जिसके कारण उसे सरकार ने छुटटी पर भेजा है। यह सारी सच्चाई सरकार को जनता के सामने रखनी चाहिए। परन्तु यदि उसके अच्छे काम से कुछ प्रभावशाली लोग नाराज हो गये और उसी के कारण छुट्टी पर भेजा गया है तो यह बड़ी गंभीर बात है।
शान्ता कुमार ने कहा यह एक कड़वी सच्चाई है कि खनन इत्यादि अवैध धन्धे साधारण लोग नहीं करते। इन अवैध धन्धों के लिए कुछ बड़े लोग और नेता समर्थन देते है। इस प्रकार की भी बहुत सी खबरें आ रही है कि इलमा अफरोज के कुछ अच्छे कामों के कारण कुछ बड़े स्थानीय नेता नाराज थे। उन्होंने ही उन्हें छुटटी पर भिजवाया है।
उन्होंने कहा कि मैं अपने लम्बे प्रशासन के अनुभव पर यह कह सकता हूं कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का सब प्रकार का स्तर वाकी देश के कर्मचारियों से अच्छा है। इस दृष्टि से हिमाचल प्रदेश की सब जगह प्रशंसा होती हे। इसलिए एक महिला पुलिस अधीक्षक के बारे में यह रहस्य नही बना रहना चाहिए।
शान्ता कुमार ने कहा है कि मुझे इस बात की भी हैरानी है कि यदि अच्छे काम करने के कारण उसे छुट्टी पर भेज कर उसके साथ अन्याय हुआ है तो उस पर अधिकारी कर्मचारी संगठन चुप क्यों बैठा है। कर्मचारी यूनियन को केवल अपने अधिकारों और भत्तों के लिए ही नहीं लड़ना चाहिए। यदि किसी अधिकारी के अच्छे काम के कारण कुछ नेताओं के कहने पर ईमानदार अधिकारी को सजा दी जाती है तो उसका विरोध करना भी कर्मचारी यूनियन का परम कर्तव्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खु से विशेष आग्रह किया है कि इस रहस्य पर से पर्दा उठाये और यदि इलमा अफरोज ने कोई साहस कर अच्छा काम किया है तो उसको सम्मानित करने का साहस दिखाये।
