शिमला-25 दिसंबर. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़े हालिया विवाद ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। देशभर के रेजिडेंट डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था FORDA (Federation of Resident Doctors’ Association of India) ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को औपचारिक पत्र भेजा है।

FORDA ने अपने पत्र में कहा है कि अस्पताल के वार्ड में हुई घटना का एकतरफा और आंशिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से न केवल सच्चाई प्रभावित हुई, बल्कि डॉक्टर की छवि और सम्मान को भी नुकसान पहुंचा। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच जरूरी है।पत्र में FORDA ने जोर देते हुए कहा कि मरीज और डॉक्टर—दोनों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या अनुशासनात्मक कार्रवाई संपूर्ण साक्ष्यों, बयान और कैमरा फुटेज के आधार पर ही होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर चल रहे अधूरे वीडियो के आधार पर। संगठन ने सरकार से यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था, संवाद प्रणाली और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि डॉक्टर–मरीज संबंधों में विश्वास बना रहे। FORDA ने साफ किया कि उसका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास की बहाली है।
उधर, RDA शिमला भी डॉक्टर के समर्थन में उतरे हैं उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि नौकरी से बर्खास्त किए गए डॉ. की बर्खास्तगी तुरन्त रद्द की जाए। RDA CSA और सेमडकेट के समर्थन में गेट मीटिंग की और सरकार से बर्खास्तगी को वापिस करने की मांग की उन्होंने BJP कार्यकर्ता नरेश दास्टा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
