Breaking: हि.प्र. अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने PM मोदी को पत्र लिखकर विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग


शिमला-15 फ़रवरी. हिमाचल प्रदेश के अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता की मांग की है। महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष एलडी चौहान ने केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि हिमाचल प्रदेश इस समय गंभीर वित्तीय दबाव से गुजर रहा है और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से स्थिति और कठिन हो गई है।

महासंघ ने अपने पत्र में लिखा है कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश को विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था चलाने में पहले से ही अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में बार-बार आई प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति और कमजोर हुई है।

कर्मचारी महासंघ के अनुसार राज्य सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) की 13 प्रतिशत किस्त अभी तक जारी नहीं हुई है, जबकि वर्ष 2022 से देय महंगाई भत्ते का बकाया भी लंबित है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग से जुड़े एरियर का भुगतान भी कर्मचारियों और पेंशनरों को अभी तक नहीं मिला है। बजट सत्र के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों को उम्मीद थी कि लंबित देनदारियों का समाधान होगा, लेकिन राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से उन्हें निराशा हुई है।

पत्र में कहा गया है कि राज्य के अधिकांश कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वेतन और पेंशन ही आय का मुख्य स्रोत है और अतिरिक्त कमाई के अवसर बहुत सीमित हैं। ऐसे में महंगाई भत्ता और एरियर का भुगतान न होने से बढ़ती महंगाई के बीच परिवारों के लिए घरेलू खर्च चलाना कठिन हो रहा है। महासंघ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान और कर्मचारियों-पेंशनरों की आर्थिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए राज्य को राजस्व घाटा अनुदान के बराबर विशेष वित्तीय सहायता दी जाए। इससे राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और कर्मचारियों तथा पेंशनरों के लंबित भुगतान जारी करने में मदद मिल सकेगी।

महासंघ ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर हिमाचल प्रदेश को शीघ्र विशेष वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी, ताकि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिल सके।

कर्मचारी महासंघ के अनुसार राज्य सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) की 13 प्रतिशत किस्त अभी तक जारी नहीं हुई है, जबकि वर्ष 2022 से देय महंगाई भत्ते का बकाया भी लंबित है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग से जुड़े एरियर का भुगतान भी कर्मचारियों और पेंशनरों को अभी तक नहीं मिला है। बजट सत्र के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों को उम्मीद थी कि लंबित देनदारियों का समाधान होगा, लेकिन राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से उन्हें निराशा हुई है।

पत्र में कहा गया है कि राज्य के अधिकांश कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वेतन और पेंशन ही आय का मुख्य स्रोत है और अतिरिक्त कमाई के अवसर बहुत सीमित हैं। ऐसे में महंगाई भत्ता और एरियर का भुगतान न होने से बढ़ती महंगाई के बीच परिवारों के लिए घरेलू खर्च चलाना कठिन हो रहा है। महासंघ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान और कर्मचारियों-पेंशनरों की आर्थिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए राज्य को राजस्व घाटा अनुदान के बराबर विशेष वित्तीय सहायता दी जाए। इससे राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और कर्मचारियों तथा पेंशनरों के लंबित भुगतान जारी करने में मदद मिल सकेगी।

महासंघ ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर हिमाचल प्रदेश को शीघ्र विशेष वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी, ताकि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिल सके।


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