शिमला-01 जनवरी. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आज शिमला नगर निगम के मेयर का कार्यकाल बढ़ाने वाले मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से जवाब फाइल किए गए हैं. अब मामले में याचिकाकर्ता को प्रतिवादियों के जवाब पर रिप्लाई देना है. मामले में अब अगली सुनवाई 6 जनवरी को होनी है. इससे पहले प्रतिवादी पक्ष की ओर से याचिका का जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, जिस पर न्यायालय ने 30 दिसंबर तक प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने को कहा था. हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ मामले पर सुनवाई कर रही है.
शिमला नगर निगम के महापौर का कार्यकाल बढ़ाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. अधिवक्ता अंजली सोनी वर्मा की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. इस मामले में राज्य सरकार, शहरी विकास विभाग, राज्य चुनाव आयोग और शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान को प्रतिवादी बनाया गया है. इससे पहले बीते 9 दिसंबर को हुई सुनवाई में शहरी विकास विभाग और महापौर सुरेंद्र चौहान ने याचिका का जवाब देने के लिए समय मांगा था.अब आज 30 दिसंबर को दोनों प्रतिवादियों की ओर से रिप्लाई फ़ाइल कर दिया गया है. जिसका जवाब याचिकाकर्ता को 6 जनवरी तक फ़ाइल करना है.
बता दें कि 25 अक्टूबर को प्रदेश सरकार ने अध्यादेश लाकर शिमला नगर निगम के मेयर का कार्यकाल बढ़ाया था. इस अध्यादेश को अधिवक्ता अंजलि सोनी वर्मा ने जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी है. याचिकाकर्ता की दलील है कि प्रदेश सरकार द्वारा लाया गया ये अध्यादेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 36 के खिलाफ है. इसके अलावा याचिका में कहा गया कि रोस्टर के अनुसार शिमला नगर निगम मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित था. लेकिन सरकार का अध्यादेश इस रोस्टर के विपरीत है.
