शिमला-01 जनवरी.नववर्ष के पहले दिन प्रदेश की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है।राजधानी शिमला को छोड़कर पर्यटन स्थलों अटल टनल रोहतांग, कुफरी व मनाली सहित राज्य की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ। जिसका लुत्फ लेने के लिए दूसरे राज्यों के पर्यटकों ने पहाड़ों की ओर रुख कर दिया है। बर्फ़बारी की खुशी में पर्यटक कपड़े उतारकर खूब मस्ती कर रहे हैं। लाहुल- स्पिति सिस्सू, चम्बा, जोत, डल्हौजी, अटल टनल रोहतांग, गोंदला, मनाली के सोलंग नाला, कांगड़ा की धौलाधार की पहाड़ियों व कुफरी में बर्फ के फाहे गिरे, जबकि सोलन व ऊना में बारिश हुई है। राजधानी शिमला व मनाली शहर बर्फबारी के लिए तरस गए हैं। लेकिन पर्यटकों व स्थानीय लोगों को बारिश की बूंदों से ही संतुष्ट होना पड़ा। बर्फबारी की चाह में उमड़े हजारों सैलानियों के हाथ निराशा ही आई है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर आधी रात तक जश्न, संगीत व नाच-गाने के बावजूद बर्फ न गिरने से उनका उत्साह फीका पड़ गया। क्रिसमस के बाद नए साल पर भी हिमाचल के इन प्रमुख हिल स्टेशनों में बर्फबारी नहीं हुई, जबकि पूरा विंटर सीजन अब तक सूखा ही बना हुआ है और शिमला व मनाली पहली बर्फबारी को तरस गए हैं। बुधवार रात्रि को कोकसर में 1.7, गोंदला में 0.3 सैंटीमीटर हिमपात रिकार्ड किया गया है। गुरुवार को राज्य के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ही हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जिसमें लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चम्बा के ऊंचे भाग शामिल हैं। शिमला व मनाली में दिन भर बादल छाए रहे और हल्की वर्षा भी हुई, लेकिन बर्फबारी नहीं हुई। मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में साफ किया है कि 2 से 7 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा तथा इस दौरान कहीं भी बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है। ऐसे में बर्फ का इंतजार कर रहे सैलानियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभाग ने अगले 3 दिन तक राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी किया है, जबकि अगले 2 दिन शीतलहर चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार दिसम्बर माह पूरी तरह से शुष्क बना रहा। केवल 3 दिन छिटपुट वर्षा दर्ज की गई। राज्य में दिसम्बर माह में 38.1 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होती है, लेकिन इसमें 99 फीसदी कमी रही है। केवल लाहौल-स्पीति में 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में 1901-2025 की अवधि में छठी सबसे कम वर्षा 0.1 मिलीमीटर इस वर्ष दिसम्बर माह में हुई है। सबसे अधिक वर्षा 1929 में दिसम्बर 176 मिलीमीटर दर्ज की गई थी। दिसम्बर माह में वर्ष 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में 0.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
