शिमला-17 नवंबर. हिमाचल प्रदेश के 6 मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में 22 नवम्बर को सुनवाई हो सकती है। इस तरह के नए मामलों को लेकर सुनवाई सोमवार और शुक्रवार को होती है। सोमवार को जो केस लिस्टिड हुए हैं, उसमें हिमाचल प्रदेश के सीपीएस का मामला नहीं है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार 22 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट में सीपीएस मामले की सुनवाई शुरू हो सकती है। इसको देखते हुए पक्ष एवं विपक्ष ने अपने मामलों की प्रभावी तरीके से पैरवी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ही अपने पक्ष में निर्णय आने का दावा कर रहे हैं, जिसके लिए वह अपने तरीकों से दलीलें दे रहे हैं। शीर्ष अदालत की तरफ से इस बारे में जब भी अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा, तो वह हिमाचल प्रदेश के साथ देश की राजनीति के लिए अहम रहेगा।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की तरफ से 6 सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त करने के साथ इससे संबंधित सीपीएस व पीएस एक्ट, 2006 को भी रद्द कर दिया है। इसके तुरंत बाद सभी 6 सीपीएस को तुरंत प्रभाव से पद से हटा दिया गया तथा उनको मिलने वाली सुविधाएं जैसे कार्यालय, स्टाफ व कोठी इत्यादि को भी वापस लिया गया। इसके तुरंत बाद राज्य सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी तथा भाजपा की तरफ से कैविएट को दायर किया गया। हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल अनूप रत्न ने संपर्क करने पर बताया कि प्रदेश से जुड़े मामले पर 22 नवम्बर को सुनवाई हो सकती है।
