Breaking: सीएम और पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर FIR दर्ज


शिमला-07 जनवरी. कांग्रेस पार्टी और प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों  के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पुलिस ने शिमला शहर के दो थानों में एफआईआर की है। यह एफआईआर कांग्रेस को कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक छिपा हुआ आतंकवादी मुस्लिम संगठन बताना और मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो अपलोड करने को लेकर की गई है। शिमला शहर के सदर थाना में कांग्रेस नेता सुरेश कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस को दी गई शिकायत पर उन्होंने आरोप लगाया कि दिनेश नाम के यूजर्स ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पार्टी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

शिकायत में कहा गया कि दिनेश ने कांग्रेस को कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक छिपा हुआ आतंकवादी मुस्लिम संगठन बताया। सुरेश कुमार ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की टिप्पणियां कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने के इरादे से की गई हैं। उन्होंने कहा कि दिनेश ने जानबूझकर अलग-अलग पोस्ट में ऐसी ही टिप्पणियां दोहराईं और इससे न केवल पार्टी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची बल्कि समाज में दुश्मनी और घृणा को बढ़ावा मिला। इस मामले में थाना सदर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 336(4), 353(2), 356(4) और 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पर फैलाई गई टिप्पणियों के डिजिटल प्रमाणों की जांच की जा रही है। वही  एक अन्य मामले में थाना छोटा शिमला में हिमाचल प्रदेश पुलिस अधीक्षक कार्यालय से डाक के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर एफआईआर की गई है। यह शिकायत 1 जनवरी 2025 को खुफिया विभाग और पुलिस कार्यालय के माध्यम से प्राप्त हुई थी। शिकायत के अनुसार एक सोशल मीडिया चैनल द्वारा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो अपलोड किए गए। इन पोस्ट को मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की छवि धूमिल करने की नीयत से बनाया गया बताया गया है।थाना छोटा शिमला पुलिस ने इस मामले में धारा 353, 336(4), 356(2), और 356(3) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन पोस्ट में मुख्यमंत्री और सरकार की नीतियों को लेकर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री अपलोड की गई थी। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि दोनों मामलों में एफआईआर कर कार्रवाई अमल में लाई है रही है।


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