शिमला-12 सितंबर.कैप्टन अतुल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार के MPP और ऊर्जा सचिव, राकेश कंवर को एक तीखा पत्र लिखकर एक विवादास्पद नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। 12 सितंबर, 2025 को लिखे इस विस्फोटक पत्र में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (HPERC) के अत्यधिक संवेदनशील पद पर एक “आरोपी व्यक्ति” को नियुक्त करने का प्रयास कर रही है।
इस विवाद के केंद्र में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना हैं, जिन्हें फिलहाल सेवा विस्तार मिला हुआ है। कैप्टन शर्मा के पत्र में दावा किया गया है कि सक्सेना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक लंबित मामले का सामना कर रहे हैं और उन्हें दिल्ली की एक अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी छूट दी गई है। पत्र में आगे कहा गया है कि सक्सेना को जारी किया गया सतर्कता मंजूरी प्रमाण पत्र “दोषपूर्ण” है और इसे “कार्यालय ज्ञापन का उल्लंघन” करते हुए जारी किया गया था।
राकेश कंवर को संबोधित इस पत्र में मांग की गई है कि प्रबोध सक्सेना के लिए सतर्कता मंजूरी प्रमाण पत्र की तत्काल समीक्षा की जाए ताकि एक आरोपी व्यक्ति को सार्वजनिक विश्वास के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने से रोका जा सके। पत्र में कहा गया है कि अगर यह नियुक्ति होती है, तो यह कानून और न्याय का घोर उल्लंघन होगा।
यह एक विकासशील कहानी है, और इस पत्र के परिणाम बहुत बड़े हो सकते हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक व्यवस्था हिल सकती है। जनता यह देखने के लिए करीब से नजर रखेगी कि सरकार इन विस्फोटक आरोपों पर कैसे प्रतिक्रिया देती है और क्या एचपीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति रुकती है।
