Breaking: सरकार की चेतावनी के बाद धरना दे रहे 6 शिक्षकों को सरकार ने किया सस्पेंड,जानें यहां


शिमला-26 अपैल. शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के विरोध में धरना देने वाले शिक्षकों के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा सचिव के आदेशों पर शिक्षा निदेशक ने 6 शिक्षक नेताओं को सस्पेंड कर दिया है। प्राइमरी टीचर फेडरेशन के अध्यक्ष जगदीश शर्मा, सचिव संजय, प्रताप ठाकुर और राम सिंह राव ,रणवीर चौहान और दलवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

शनिवार को चौपाल के नेरवा ब्लॉक में ब्लॉक एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) ने आज दोपहर के वक्त प्राइमरी स्कूल शिलाल का औचक निरीक्षण किया तो जेबीटी टीचर दलवीर सिंह और रनवीर चौहान स्कूल से नदारद मिले। इसके बाद बीईओ ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंशन के बाद दोनों को हेडक्वार्टर डोडराक्वार में फिक्स किया गया है। इससे पहले एजुकेशन सेक्रेटरी राकेश कंवर ने धरने के दौरान सरकार और अफसरों की आलोचना करने वाले टीचरों की पहचान कर उन्हें सस्पेंड करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए।


शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने अपने आदेशों में कहा सुनने में आ रहा है कि कुछ टीचर ऑनलाइन काम (ऑनलाइन अटेंडेंस, मिड डे मील वर्क) नहीं करेंगे। यह सरकारी आदेशों का खुलेआम उलंघन है। एजुकेशन सेक्रेटरी के इन आदेशों के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) ने शिक्षा निदेशालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। राकेश कंवर ने डायरेक्टर को पत्र लिखकर सभी डिप्टी डायरेक्टर को धरने में शामिल शिक्षकों की निगरानी करने के निर्देश दिए और ऐसे शिक्षकों को पता लगाकर सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स के नियम 56(J) के तहत कम्पल्सरी रिटायरमेंट देकर घर भेजने को कहा है। जो शिक्षक नियम 56(J) के अंतर्गत नहीं आते, उनके खिलाफ निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। धरने में शामिल शिक्षकों का एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा।शिक्षा सचिव ने कहा, सरकार के आदेशों की अवहेलना करने वाले टीचरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशालय का गठन सरकार का नीतिगत फैसला है। इसका विरोध करना उचित नहीं है, जबकि टीचरों को भरोसा दिया गया है कि इससे शिक्षकों के किसी भी तरह अधिकार प्रभावित नहीं होंगे।

बता दें कि प्रदेशभर के प्राइमरी टीचर आज शिमला में शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्होंने प्रदर्शन के लिए 16 अप्रैल को ही सरकार को नोटिस दिया था।

बीते कल शिक्षा सचिव ने प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) के अध्यक्ष जगदीश शर्मा और सचिव संजय पीसी को नोटिस देकर हड़ताल का निर्णय वापस लेने की चेतावनी दी। मगर शिक्षक नहीं माने और आज बड़ी संख्या में प्रदेशभर से टीचर हड़ताल में शामिल हुए हैं। इस हड़ताल के दौरान गुस्साए शिक्षकों ने शिक्षा सचिव को ही निशाने पर लिया है। सरकार ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए ऐसे टीचरों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है और डायरेक्टर को इसे लेकर आदेश जारी कर दिए है।

बता दें कि प्रदेश में लगभग 22 हजार प्राइमरी टीचर है। इनमें से काफी संख्या में टीचर आज धरने में शामिल हुए है। शिक्षा विभाग ने धरने में शामिल शिक्षकों की पहचान के लिए बाकायदा वीडियोग्राफी करवाई है।

वहीं, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा, आज से शिक्षा निदेशालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। हर रोज छह-छह टीचर धरने पर बैठेंगे।


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