शिमला-04 अप्रैल. प्रदेश की व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार प्रदेशवासियों को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी कर रही है। प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जेब से पैसा डकारने की योजना बना रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है और जल्द मुहर लगते ही सरकारी अस्पतालों में आने वाले बाह्य रोगियों यानी आउट डोर पेशेंट की जेब से शुल्क वसूल करेगी।
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बाह्य रोगियों (आउट डोर पेशेंट) के निशुल्क टेस्ट बंद करने की तैयारी है। वहीं, पर्ची के भी पैसे लगेंगे। पर्ची का रेट 10 रुपये करने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने टेस्ट की फीस तय करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अंतिम फैसला सरकार को लेना है। हालांकि, अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों को निशुल्क टेस्ट की सुविधा मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस सबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है इस पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है।। यह निर्णय 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
हिमाचल प्रदेश में अब प्राप्त मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थ केयर स्कीम (हिमकेयर) और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत भी स्पेशल वार्ड में मुफ्त इलाज बन्द करने की तैयारी है।। हालाँकि यदि ये मरीज सामान्य वार्ड में भर्ती होते हैं, तो उन्हें पहले की तरह मुफ्त उपचार का लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, 8 मार्च 2019 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SoP) में किए गए संशोधन के तहत क्लॉज-एम को हटा दिया गया है, जिसके बाद यह बदलाव लागू किया गया है। इससे हिमकेयर और आयुष्मान कार्डधारकों को अब स्पेशल वार्ड का चयन करने की स्थिति में इलाज का खर्च खुद उठाना होगा।
प्रदेश में वर्तमान में हिमकेयर योजना के अंतर्गत 8.53 लाख कार्डधारक हैं। इनमें से जो मरीज विशेष सुविधा वाले वार्ड का चुनाव करेंगे, उन्हें योजना के तहत कैशलेस इलाज नहीं मिलेगा। सामान्य वार्ड के मरीजों को योजना का लाभ यथावत मिलता रहेगा। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में OPD (बाह्य रोगी) के तहत रोजाना किए जाने वाले मुफ्त टेस्ट बंद करने की भी योजना बनाई जा रही है। इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।
बता दें कि हिमकेयर योजना पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित है, जबकि AB-PMJAY योजना केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से चलाई जाती है, जिसमें दोनों 50-50 प्रतिशत का खर्च साझा करते हैं।
उधर, स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी ने कहा कि बाह्य रोगियों से मेडिकल टेस्ट की फीस लेने का मामला विचाराधीन है। अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है-
