सोलन-13 मई. सोलन विकास खंड की सेर बनेड़ा पंचायत में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां केवल दो वर्ष के एक बच्चे को निजी क्षेत्र में कार्यरत दिखाया गया है। यही नहीं, पंचायत द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर में उसे साक्षर भी दर्ज किया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि यह बच्चा अप्रैल 2023 में ही दो वर्ष का हुआ है। इस चौंकाने वाली गलती की वजह से ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं, खासतौर पर तब जब यह गलती अब तक दुरुस्त नहीं की गई है। यह मामला तब सामने आया जब परिवार रजिस्टर की नकल प्राप्त की गई। यह बी.पी.एल. श्रेणी से संबंधित गरीब परिवार पहले ही बदहाल स्थिति में जीवन जी रहा है। परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है, जिसमें बरसात के दिनों में पानी भी अंदर आ जाता है। इस परिवार को अब तक सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला है, चाहे वह आवास योजना हो या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं।
परिवार के मुखिया जोगिंदर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके दो वर्षीय पोते के बारे में परिवार रजिस्टर में निजी क्षेत्र में नौकरी करने और साक्षर होने की झूठी एंट्री की गई है। इस गलती से उन्हें चिंता है कि कहीं बी.पी.एल. सूची से बाहर न कर दिया जाए, जिससे भविष्य में मिलने वाले लाभों से भी वंचित रह जाएं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस गलत एंट्री को तत्काल प्रभाव से सुधारा जाए, साथ ही उनके जर्जर मकान के लिए आवास योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि उनका परिवार 7 सदस्यों का है और सब आज भी मुफलिसी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
इस संबंध में बी.डी.ओ. सोलन रमेश शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। परिवार रजिस्टर की एंट्री ऑनलाइन की जाती है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक क्लेरिकल मिस्टेक (टाइपिंग की गलती) है। इसे आज ही ठीक करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत से रिकार्ड तलब कर लिया गया है, और यदि यह परिवार पात्र है तो आवास योजना समेत अन्य योजनाओं के लाभ भी उन्हें उपलब्ध करवाए जाएंगे।
यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि क्लेरिकल मिस्टेक की कीमत गरीब परिवारों को अपनी जरूरतें खोकर चुकानी पड़ती है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में तत्काल सुधार के साथ जिम्मेदारी भी तय की जाए, ताकि आगे भविष्य में ऐसी गलतियों से बचा जा सके।