शिमला-29 जून.प्रदेश में बीते कल से लगातार बारिश का दौरा जारी है। करीब 15 घंटे से हो रही बारिश के बाद जगह जगह लैंडस्लाइड व नदी नालों के उफान पर हैं। राजधानी शिमला में जगह जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आईं है कई जगह सड़क मार्ग बाधित हुआ है जबकि कई जगह गाड़ियों पर मलबा गिरा है हालांकि इन घटनाओं में किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। उधर,भारी बारिश के बाद शिमला शहर की पेयजल परियोजनाओं में गाद व भारी मात्रा में पानी आने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई है शिमला जल निगम ने अगले कुछ दिनों तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका जताई है और लोगों से पानी उबालकर व सदुपयोग करने की अपील की है।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन व सिरमौर, जबकि सोमवार को सिरमौर, सोलन, शिमला और बिलासपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। एक से चार जुलाई तक बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। सोलन, कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की भी आशंका जताई गई है।
शनिवार को भी राजधानी शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई है। मंडी, हमीरपुर और ऊना में भी बादल बरसे हैं। बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में अभी भी 38 सड़कें बंद हैं। मानसून के हिमाचल में दस्तक देने के बाद अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी हुई है। सैंज बैराज, पार्वती-3 और पार्वती-2 बिजली परियोजनाओं में सिल्ट बढ़ने से उत्पादन बंद हो गया है। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को करीब 70 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा मानसून सीजन में 20 से 28 जून के बीच सड़क हादसों में भी 17 लोगों की मौत हुई है व 74 घायल हुए हैं।