शिमला-06 फरवरी. हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 14 पदों को लेकर हुई भर्तियों का मामला राजभवन पहुंच गया है। इस मामले में अभ्यर्थी की तरफ से ऑनलाईन शिकायत दर्ज की गई है। उधर, शिक्षित बेरोजगार संघ ने मामले में हाईकोर्ट जाने की बात कही है। संघ का कहना है कि वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा आएंगे और न्याय की मांग करेंगे। अध्यक्ष बाल कृष्ण ठाकुर ने कहा कि विधानसभा में हुई भर्तियों में गड़बड़ी की आशंका है। वे पूरे मामले पर उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका दायर करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीएम के करीबी लोगों को ही इसमें नौकरियां दी गई हैं। इन भर्तियों में अगले दिन जॉइनिंग दे दी गई। परीक्षाओं में ‘आंसर की’ में भी गड़बड़ी की आशंका है। उन्होंने कहा कि विधानसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध आंसर की में सभी परीक्षाओं में पूछे गए सवालों के ऑप्शन यानी विकल्पों में एक जैसा पैटर्न है।भरमौर निवासी अभ्यर्थी अमित कपूर ने राज्यपाल को ऑनलाइन शिकायत भेजी है। राजभवन की तरफ से इस शिकायत का संज्ञान लिए जाने की सूचना है, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय से इसके बारे में जवाब मांगा जा सकता है। अभ्यर्थी ने अपनी शिकायत में लिखा है कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती गई है, ऐसे में इन भर्तियों की जांच होनी चाहिए, ताकि पात्र युवाओं को रोजगार मिल सके।
सोशल मीडिया में ये भर्तियां चर्चा में है। बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने बीते मंगलवार को पत्रकार वार्ता में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। उनका आरोप था कि यह नौकरियां सीएम, विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा उपाध्यक्ष के विधानसभा क्षेत्रों में बांटी गई हैं। ऐसे इन नियुक्तियों को रद्द करने एवं नए सिरे से पदों को विज्ञापित किया जाना चाहिए।
