शिमला-17 मई.प्रदेश शिक्षा विभाग ने दो महिला ट्रेंड ग्रैजुएट टीचर यानी टीजीटी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन्हें जुलाई 2024 में बैचवाइज आधार पर भर्ती किया गया था। बाद में जांच में पता चला कि उनकी बीएड फर्जी है। यह बीएड हरियाणा के हिसार से की गई थी। अब शिक्षा निदेशक ने दोनों के टर्मिनेशन आर्डर जारी किए हैं। जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि एक टीजीटी नॉन मेडिकल को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बौर जिला शिमला में नियुक्त किया गया था जबकि दूसरी को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोसरी जिला कांगड़ा में नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति के समय इन्होंने जो बीएड सर्टिफिकेट दिया, वह हरियाणा काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग हिसार से किया गया था। इसकी स्क्रीनिंग के दौरान शिक्षा विभाग को कुछ संदेह हुआ और उसके बाद एडिशनल चीफ सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन हरियाणा सरकार को पत्र लिखा गया। उन्होंने भी मान्यता को लेकर जब स्थिति साफ नहीं की, तो यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन से मामला टेकअप किया गया। यूजीसी के जवाब के बाद यह साफ हो गया कि जिस संस्थान से बीएड की गई है, वह कहीं से भी मान्यता प्राप्त नहीं था। इसलिए इस डिग्री को फर्जी पाया गया है। अब इन्हें नियुक्ति के समय की शर्तों के मुताबिक नौकरी से हटा दिया गया है। जो ऑफर लेटर इन्हें दिया गया था, उसमें पॉइंट नंबर 15 पर यह पहले साफ था कि यदि कोई दस्तावेज झूठा या फर्जी पाया जाता है, तो नियुक्ति को रद्द कर दिया जाएगा। अब सरकार ने इन दोनों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। शिक्षा विभाग से यह भी पता चला है कि इसी तरह स्क्रीनिंग में कुछ और कैसे भी अभी लंबित हैं, जो प्रक्रिया के अधीन चल रहे हैं। इनको लेकर भी जल्द फैसला आ सकता है।