शिमला-26 अप्रैल. हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की सेवा शर्तें अधिनियम 2024 लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब अनुबंध आधार पर भर्तियों पर रोक लगा दी है। आगामी आदेश जारी होने तक सभी विभागों को ऐसी भर्ती प्रक्रियाएं रोकने के निर्देश दिए हैं। कार्मिक विभाग ने शनिवार को इस बाबत पत्र जारी किया है। गुजरात की तर्ज पर पांच साल की प्रोविजनल सेवा के बाद ही नियमितीकरण की तैयारी से इस आदेश को जोड़कर देखा जा रहा है।कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों या सचिवों, लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोग के सचिव को इस बाबत निर्देश दिए हैं। विधानसभा में कर्मचारी सेवा शर्तें अधिनियम 2024 पारित होने के बाद 20 फरवरी 2025 से इसे लागू कर दिया है। कुछ प्रावधान 12 दिसंबर 2003 से लागू हो रहे हैं, जिसके तहत अनुबंध नियुक्तियों को हटाकर अब सिर्फ नियमितीकरण का प्रावधान है। ऐसे में सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि नियुक्तियां नए सिरे से देने से पहले सरकार के निर्देशों का इंतजार करें।
अधिकारियों ने बताया कि लोकसेवा आयोग से चुने गए स्कूल प्रवक्ताओं को शिक्षा विभाग ने बिना कार्मिक व विधि विभाग से पूछे अनुबंध आधार पर नियुक्तियां दी हैं। अनुबंध पर नियुक्ति का प्रावधान अब नियमों में नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि नए कानून के कुछ प्रावधान 12 दिसंबर 2003 से पूर्वव्यापी प्रभाव रखते हैं, जो कई पिछली और चल रही नियुक्तियों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में नए कानूनी ढांचे के साथ मेल के लिए वर्तमान आवश्यकताओं, चयन प्रक्रियाओं और नियुक्ति के प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है।सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुबंध कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में विभागों को अलग निर्देश जारी किए हैं। 8 अप्रैल 2025 को जारी पत्र में सरकार ने कहा था कि 31 मार्च, 2025 तक दो साल की निरंतर सेवा पूरी करने वाले अनुबंध कर्मचारी नियमितीकरण के पात्र हैं। अब स्पष्ट किया है कि सभी नियमितीकरण आदेश अधिनियम 2024 के दायरे में आएंगे। विभागों को निर्देश दिए हैं कि नियमितीकरण आदेशों में नए अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियुक्ति देने की शर्त शामिल की जाए। जिन मामलों में नियमितीकरण आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, उनमें अधिनियम के अनुरूप एक परिशिष्ट तुरंत जारी किया जाए।