शिमला-24 जनवरी.हिमाचल में मौसम ने इस बार एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ा है. करीब साढ़े तीन माह के लंबे समय के ड्राई स्पेल के बाद प्रदेश में हुई बारिश और भारी बर्फबारी ने पहाड़ों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. जहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों ने पर्यटन कारोबारियों और बागवानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं दूसरी ओर मौसम ने आम जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है. प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया है.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में 2 नेशनल हाईवे और कुल 563 सड़कें पूरी तरह से ठप हो चुकी हैं. बर्फबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला लाहौल-स्पीति रहा है, जहां नेशनल हाईवे-3 और नेशनल हाईवे-505 पूरी तरह बाधित है. जिले में करीब 290 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जिससे दुर्गम इलाकों का संपर्क टूट गया है. लाहौल-स्पीति के बाद चंबा जिला बर्फबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 105 सड़कें बंद होने से यातायात ठप हो गया है. मंडी जिले में 64, ऊना में 70 और सिरमौर में 20 सड़कें अवरुद्ध हैं. कुल्लू जिले में 9 और सोलन में एक सड़क बंद है. हालांकि शिमला जिले के प्रभावित मार्गों का आधिकारिक आंकड़ा अब तक जारी नहीं हुआ है, जबकि राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है.बर्फबारी और तेज हवाओं ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. राजधानी शिमला में शहर की सड़कों से लेकर ऊपरी शिमल की ओर जाने वाली सभी सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हैं. जिला के चौपाल,रोहड़ू और नारकंडा की ओर जाने वाले सभी मार्ग बन्द पड़े हैं.
बर्फ़बारी के चलते परिवहन निगम सहित निजी बसों के करीब 2000 रूट प्रभावित हुए हैं. प्रदेश में लाहुल स्पीति, कुल्लू, चंबा, किन्नौर, रामपुर, रोहडू, शिमला में सैकड़ों बसों के रूट प्रभावित हुए हैं. वहीं, परिवहन निगम के हिमाचल में 484 रूट पूरी तरह से ठप हो गए हैं। शिमला डिवीजन में संचालित होने वाले निगम 272 रूट पूरी तरह ठप हैं.
राज्य आपदा प्रबंधन के अनुसार पूरे प्रदेश में 4,797 स्थानों पर बिजली सप्लाई बाधित हुई है. सोलन जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 1,856 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं. इसके अलावा मंडी में 901, कुल्लू में 682, सिरमौर में 624 और चंबा में 659 स्थानों पर बिजली गुल है.भारी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने राहत और बहाली कार्य तेज कर दिए हैं. लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों की टीमें युद्ध स्तर पर सड़कों को खोलने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं. अस्पतालों, एंबुलेंस रूट, पेयजल योजनाओं और आवश्यक सेवाओं से जुड़े मार्गों को प्राथमिकता दी जा रही है. अधिक मशीनरी को बर्फबारी प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है.
बर्फबारी के बीच शिमला, कुफरी, मनाली और अटल टनल क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. कई जगह पर्यटक फंसने की सूचना के बाद हिमाचल पुलिस के जवान मौके पर पहुंचकर सहायता कर रहे हैं. पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करें और अनावश्यक जोखिम से बचें.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बर्फबारी के मद्देनजर सभी जिला प्रशासन को आवश्यक सेवाएं शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और जनसेवा से जुड़े मार्गों को प्राथमिकता पर खोला जाए. मुख्यमंत्री ने बिजली और जलापूर्ति योजनाओं को भी जल्द सुचारू करने, खाद्यान्न की आपूर्ति बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं.
सूबे में हुई ताजा बर्फबारी जहां पर्यटन, बागवानी और कृषि के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं आम लोगों के लिए यह मौसम सतर्कता की परीक्षा भी बन गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में फिर बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है, ऐसे में प्रशासन और जनता दोनों को पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है.
