Breaking: डिप्टी सीएम ने आर्थिक सर्वेक्षण किया पेश हिमाचल में प्रति व्यक्ति आय में 22,430 की बढ़ोतरी


शिमला-13 मार्च. मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में वीरवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदन में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 की रिपोर्ट पेश की । यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की ओर से तैयार की गई है।  इस रिपोर्ट के अनुसार अग्रिम अनुमानों  के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रचलित भावों पर हिमाचल प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2,32,185 करोड़ होने का अनुमान है जोकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2,10,662 करोड़ था। जोकि  वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रथम संशोधित  के 9.9 प्रतिशत के समकक्ष वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 10.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर प्रदर्शित करता है।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए प्रचलित भावों पर प्रति व्यक्ति आय (पीसीआई) वित्त वर्ष 2023-24 में 2,34,782 की तुलना में 2,57,212 अनुमानित है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस तरह प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में 22,430 रुपये बढ़ी है।  रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रति व्यक्ति आय  में 2011-12 में 87,721 से 2024-25 में 2,57,212 की बढ़ोतरी हुई है, जोकि 2011-12 की तुलना में 8.6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर  दर्शाती है।

वर्ष 2024-25 के अनुसार स्थिर (2011-12) भावों या वास्तविक जीएसडीपी 1,46,553 करोड़ अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 1,37,320 करोड़ थी और यह वित्त वर्ष 2023-24 के 6.6 प्रतिशत की समकक्ष वर्ष 2024-25 के लिए 6.7 प्रतिशत वृद्धि दर प्रदर्शित करता है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीएसवीए के आधार पर तृतीयक क्षेत्र का प्रचलित मूल्यों पर राज्य के जीएसवीए में 45.3 प्रतिशत भाग है, इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र का 39.5 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र का 15.2 प्रतिशत योगदान आता है।  वित्त वर्ष 2024-25 के अनुसार प्राथमिक क्षेत्र से जीएसवीए 3.2 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ स्थिर मूल्यों पर वित्त वर्ष 2023-24 में आरएस 16,116 करोड़ की तुलना के 16,625 करोड़ अनुमानित है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुसार द्वितीयक क्षेत्र का जीएसबीए स्थिर (2011-12) मूल्यों पर वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आरएस 60,238 करोड़ के मुकाबले 65,134 करोड़ अनुमानित है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 8.1 प्रतिशत वृद्धि दर दर्ज होने की आशा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुसार सेवा क्षेत्र का जीएसवीए स्थिर (2011-12) भावों पर 56,654 करोड़ अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24  में यह 53.481 करोड़ था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र के योगदान में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्तमान मूल्यों पर जीएसवीए में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का योगदान 2020-21 में 20,838 करोड़ से 53 प्रतिशत बढ़कर अग्रिम अनुमान  2024-25 के अनुसार 31,879 करोड़ हो गया है। 2020-21 से 2024-25 के बीच (2020-21 में 12.341 करोड़ से 2024-25 में 21,912 करोड़) प्रचलित मूल्यों पर फसलों के जीएसवीए में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जीएसवीए में फसल क्षेत्र का योगदान इसी अवधि में 78 प्रतिशत बढ़ गया है।पर्यटकों का आगमन किसी विशेष गंतव्य में पर्यटन की मांग के मुख्य संकेतकों में से एक है। COVID-19 महामारी के बाद, घरेलू पर्यटकों का आगमन 2020 में 32.13 लाख से बढ़कर 2021 में 56.37 लाख, 2022 में 150.99 लाख और 2023 में 160.05 लाख से बढ़कर 2024 में पूर्ण रूप से 181.24 हो गया है।


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