नई दिल्ली-01 फ़रवरी. आम बजट 2026 पेश हो गया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कई अहम ऐलान किए हैं. सरकार ने प्रत्यक्ष कर, कस्टम और सेंट्रल एक्साइज से जुड़े कई अहम बदलाव किए हैं. इनका मकसद टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, आम लोगों को राहत देना और कारोबार को आसान करना है.सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू करेगी. इसका नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा. इससे आयकर भरना आसान होगा और इसके फॉर्म आसान होंगे. सरकार ने न्यू इनकम टैक्स एक्ट जुलाई 2024 में पेश किया था, जो अब 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा.
इसे इस तरह तैयार किया गया है कि आम आदमी को समझने में कोई दिक्कत न हो. गलत कर घोषणा करने पर अब 100% जुर्माना लगेगा और ऑडिट या रिटर्न में गड़बड़ी होने पर कड़ी कार्रवाई होगी. हालांकि, प्रॉसिक्यूशन की प्रक्रिया सरल की जाएगी और ज्यादातर मामलों में सिर्फ जुर्माना लगेगा, अपराधीकरण नहीं होगा.छोटे करदाताओं को अब ऑटोमेटेड प्रक्रिया के तहत ‘जीरो डिडक्शन सर्टिफिकेट’ मिलेगा. इससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. संपत्ति खरीदने पर टीडीएस अब पैन आधारित चालान से जमा किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया आसान होगी. आसान भाषा में समझिए.
पहले, अगर किसी व्यक्ति की इनकम, टैक्स छूट की सीमा से कम होती थी, लेकिन उसके किसी भुगतान (जैसे किराया या प्रोफेशनल फीस) पर TDS कटना तय होता था, तो उसे फॉर्म 13 भरकर इनकम टैक्स अधिकारी के पास आवेदन करना पड़ता था. अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद ही ‘जीरो डिडक्शन सर्टिफिकेट’ मिलता था.
अब नए बदलाव के बाद यह प्रक्रिया नियम-आधारित और ऑटोमेटेड होगी. इससे आपको इनकम टैक्स ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सिस्टम आपकी पात्रता खुद जांचेगा और सर्टिफिकेट जारी कर देगा.
दूसरी बात यह कि अभी जब आप 50 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति खरीदते हैं, तो आपको विक्रेता को भुगतान करते समय 1% TDS काटना होता है. इसके लिए फॉर्म 26QB भरना पड़ता है. नए बदलाव के तहत सरकार इस प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए इसे पैन-आधारित चालान से जोड़ रही है, जिससे खरीदार को फॉर्म भरने की जगह पैन नंबर का उपयोग करके सीधे बैंक या इनकम टैक्स पोर्टल के माध्यम से टैक्स जमा करने की सुविधा मिलेगी.
दवाइयों पर राहत
कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती की गई है. इसके अलावा 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं पर भी कस्टम ड्यूटी कम की गई है, जिससे इलाज सस्ता होगा.
कपड़ा और चमड़ा उद्योग
चमड़ा और टेक्सटाइल सेक्टर में ड्यूटी-फ्री एक्सपोर्ट इंसेंटिव को 1% से बढ़ाकर 3% किया गया है. यह बढ़ोतरी चमड़े और सिंथेटिक निर्यात पर भी लागू होगी. इससे निर्यात बढ़ने की उम्मीद है. सरकार भारतीय चमड़ा और टेक्सटाइल उद्योग को ग्लोबल मार्केट में ज्यादा प्रतिस्पर्धी (Competitive) बनाना चाहती है.
‘मोटर एक्सीडेंट क्लेम की रकम को इनकम टैक्स से छूट’
मोटर व्हीकल एक्सीडेंट में मिलने वाला मुआवजा पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा. वहीं शिक्षा और चिकित्सा के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है.
ऊर्जा और हरित तकनीक
लिथियम-आयन और आयरन सेल बैटरी पर कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है. सोडियम एंटीमनी (सोलर सेक्टर) से जुड़े उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है. इसके अलावा न्यूक्लियर पावर सेक्टर और बायोगैस को भी एक्साइज ड्यूटी से छूट मिलेगी.
रक्षा, विमानन और इलेक्ट्रॉनिक्स
सिविल और रक्षा क्षेत्र के पुर्जों, साथ ही नागरिक विमान के पुर्जों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में बदलाव किया गया है. उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में अब केवल उन पुर्जों पर ड्यूटी लगेगी जो विदेश से आयात किए जाएंगे. विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की निर्माण इकाइयों को भी विशेष छूट दी गई है.
विदेशी संपत्ति और NRI से जुड़े नियम
छात्रों और टेक कर्मियों को विदेशी संपत्ति घोषित करने के लिए 6 महीने की विंडो दी जाएगी. इसका मतलब है कि जिन भारतीयों के पास विदेश में छोटी-मोटी संपत्तियां या बैंक खाते हैं और उन्होंने अनजाने में उनकी जानकारी टैक्स विभाग को नहीं दी है, उन्हें अब सजा के डर के बिना इसे सुधारने का मौका मिलेगा.
1 करोड़ से 5 करोड़ तक की आय पर 30% टैक्स और 30% पेनल्टी देकर मामला निपटाया जा सकेगा, इसके बाद कोई दंड नहीं होगा. विदेशी संपत्ति पर 20 लाख से बढ़ाकर 24 लाख रुपये तक की सीमा कर-मुक्त कर दी गई है. NRI को भारत में संपत्ति बेचने के लिए अब TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) की जरूरत नहीं होगी.
