शिमला-28 अप्रैल। प्रदेश में कूड़े और कचरे की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने हिमाचल में वर्ष 1995 में एचपी नॉन बायोडिग्रेडेबल गार्वेज कंट्रोल एक्ट पास किया गया है जिसके तहत हिमाचल में प्लास्टिक की चीजों को बैन किया गया है, जिसमें एक बार उपयोग होने वाली प्लास्टिक वस्तुएं, खाद्य सामग्री परोसने या उपयोग में लाई जाने वाली कम्पोस्टेबल या बायोडिग्रेडेबल थालियों को सड़कों, नालियों, जंगलों, सार्वजनिक स्थानों, मंदिर परिसरों, रेस्तरां, ढाबों, दुकानों और दफ्तरों आदि में फेंकने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया है. इस एक्ट के अंतर्गत कई वर्षों से बहुत सारे रेगुलेशन प्रदेश सरकार ने जारी किए हैं जिसके तहत अब कमर्शियल व्हीकल में ‘कार बिन्स’ (कूड़ेदान) लगाना अनिवार्य कर दिया है. प्रदेशभर में ये नियम कल यानी 29 अप्रैल से लागू हो रहा है. यदि कोई वाहन चालक नियमों की उलंघना करता हुआ पाया जाता है तो उस पर 10 हजार रुपए जुर्माना वसूला जा सकता है.
पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक डीसी राणा का कहना है कि राज्य सरकार ने सभी टैक्सी चालकों, सरकारी (एचआरटीसी) और निजी, सार्वजनिक परिवहन वाहनों में ‘कार बिन्स’ (कूड़ेदान) लगाना भी अनिवार्य किया है, ताकि गाड़ी में जमा हुए कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थानों पर फेंका जा सके. इसके बाद भी अगर ऐसे वाहनों में कार बिन्स नहीं लगे हैं तो मालिक या चालक पर 10 हजार का जुर्माना लगेगा. वहीं, अगर गाड़ी में कार बिन्स होने के बाद भी पर्यटक कूड़े को बाहर फेंकता है तो उस पर 1500 रुपए जुर्माने का प्रावधान है.
पहले तो व्हीकल ऑनर्स को कार बिन्स लगाना जरूरी है. ऐसे में अगर वो नियमों की अवहेलना करता है तो उस पर 10 हजार जुर्माना हो सकता है. इसी तरह से अगर कार से कोई खुले में कूड़ा फेंकता है तो उस पर 1500 रुपए जुर्माने का प्रावधान है. अगर कोई कार में नहीं बैठा है और वो खुले में कूड़ा फेंकता है तो भी नियमों में ऐसे व्यक्ति पर 5 हजार जुर्माना लगाने का प्रावधान है. ये नियम गाड़ी मालिक और पर्यटक दोनों पर लागू है. कार बिन्स ने लगाने पर वाहन मालिक पर जुर्माना लगेगा. इसी तरह से अगर गाड़ी में कार बिन्स लगा है और गाड़ी से कूड़ा बाहर फेंकने की स्थिति में पर्यटक पर जुर्माने का प्रावधान है. इससे टैक्सी चालक पर्यटकों को खुद कूड़े को कार बिन्स में फेंकने को लेकर जागरूक करेगा. कई बार चलती गाड़ी से कूड़ा बाहर फेंक दिया जाता है, लेकिन गाड़ी नहीं रुकती है. इस स्थिति में गाड़ी कमरे में कैप्चर हो गई है तो वाहन को ट्रेस कर मालिक पर जुर्माना लगेगा.डीसी राणा ने कहा कि बस स्टैंड सहित टैक्सी स्टैंड में डस्टबीन लगे होते हैं, जहां पर डस्टबीन नहीं लगे हैं ऐसी जगहों पर शहरी विकास विभाग के माध्यम से कूड़ेदान की व्यवस्था की जा सकती है. विदेशों में पब्लिक प्लेस पर वहां कूड़ा दान ही नहीं मिलेंगे. उसके बावजूद भी वहां सफाई रहती है. हमें भी उसी दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है.