शिमला-29 अगस्त. जिला परिषद कैडर के तहत पंचायतों में सेवाएं दे रहे हजारों सचिवों की पदोन्नति (प्रमोशन) नहीं होगी और न इस इन कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलेगा. हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के 10वें दिन शुक्रवार को धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के लिखित प्रश्न के लिखित उत्तर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिला परिषद कैडर के अधीन पंचायत सचिव कैडर से उच्च श्रेणी के गैर-तकनीकी पद सृजित नहीं है. इस वजह से जिला परिषद कैडर में कार्यरत पंचायत सचिवों के प्रमोशन का कोई प्रावधान नहीं किया गया है.धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के एक अन्य प्रश्न के लिखित जवाब में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि जिला परिषद कैडर में कार्यरत पंचायत सचिवों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) देने संबंधी कोई भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है. उन्होंने बताया कि ये कर्मचारी संबंधित जिला परिषद जो स्थानीय ऑटोनोमस निकाय के कर्मचारी हैं. इसलिए ये कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा नियमावली (पेंशन) 1972 के दायरे में नहीं आते हैं. यही वजह है कि सरकार की ओर से इन कर्मचारियों को एनपीएस योजना के दायरे में लाया गया है.
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि, हिमाचल में विभिन्न जिलों में जिला परिषद कैडर में सेवाएं दे रहे पंचायत सचिवों को OPS का भी लाभ नहीं मिलेगा. जिला परिषद कैडर में कार्यरत पंचायत सचिवों की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को नौकरी मिलेगी, जिसके लिए वर्ष 2015 में करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने का प्रावधान किया गया है.
बता दें कि पंचायती राज विभाग में जिला परिषद कैडर के तहत कुल 3746 कर्मचारी कार्यरत हैं. इसमें सबसे अधिक 2581 पंचायत सचिवों की संख्या है. इन पंचायत सचिवों के लिए प्रमोशन का कोई प्रावधान नहीं है. इसके अतिरिक्त राज्य भर में जिला परिषद कैडर के अंतर्गत एक्यूटिव इंजीनियर 1, असिस्टेंट इंजीनियर की संख्या 26 है. वहीं, ब्लॉक इंजीनियर 12, डिजाइन इंजीनियर 5, जूनियर इंजीनियर 168, टेक्निकल असिस्टेंट 906, जूनियर पे स्केल स्टेनोग्राफर 11, जूनियर अकाउंटेंट 12, डाटा एंट्री ऑपरेटर 12, सेवादार कम चौकीदारों की कुल संख्या 12 है, जो जिला परिषद कैडर के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रहे है.