शिमला-10 फरवरी. केंद्र सरकार द्वारा जहां यूपीएस की गत बजट में घोषणा की गई थी वहीं अब हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों एक असमंजस की स्थिति बनी हुई है ।राज्य सरकार ने कांग्रेस के चुनावी वादे के अनुसार OPS को बहाल किया था और अब यूपीएस की प्रदेश में सुगबुगाहट व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान के बाद कर्मचारियों में हलचल मच गई है।कर्मचारी पहले ही बोल चुके हैं कि उन्हें यूपीएस ( Unified Pension Scheme)मंजूर नही हैं । OPS लागू करने के बाद केंद्र ने NPS की जगह मिलने वाली ग्रांट बंद की है।
PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से रुबरु होते हुए यूपीएस (Unified Pension Scheme)को लेकर कहा कि हिमाचल प्रदेश में यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लेकर मंथन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब ऑफिस को लागू किया गया उसे समय यूपीएस नहीं था। केंद्र सरकार द्वारा पिछले बजट में इसकी घोषणा की गई थी। इस विषय में मुख्यमंत्री से कैबिनेट में चर्चा की जाएगी।क्या विचार इस विषय पर बनता है वो विचार किया जाएगा।मुख्य बात यह है कि कर्मचारियों के हित में क्या है।OPS या UPS ज्यादा लाभकारी है,यह सभी नफा नुकसान देखे जाएंगे । मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के नफा-नुकसान और राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय भार को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा।मुख्यमंत्री इस विषय पर अंतिम फैसला लेंगे।
वहीं विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र के पास। NPS के तहत पड़े 9000करोड़ रुपये को लेकर कहा कि यह कर्मचारियों का पैसा है और उनका हक है , जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत जमा किए गए थे। राज्य सरकार लगातार केंद्र से पत्राचार कर रही है, लेकिन अभी तक यह राशि वापस नहीं मिली है।यह कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है उन्होंने कहा कि हर चीज में राजनीति नहीं होनी चाहिए ।अल हम एक संघीय ढांचे में रहते हैं जहां पर राज्य का अपना एक रोल है केंद्र का अपना रोल है।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अलग-अलग पार्टी की सरकार केंद्र और प्रदेश में हो सकती है मगर कुछ ऐसे विषय होते हैं जो प्रदेश क्षेत्र के विषय है उसमें हमें मिलकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश का विकास केंद्र के सहयोग के बिना संभव नही जो एक सच्चाई है। हिमाचल वैसे भी एक पहाड़ी राज्य है और यहां पर हर तरीके से केंद्र का सहयोग हिमाचल को बहुत आवश्यक है। हर चीज में राजनीति ना हो जो अधिकार हिमाचल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है तो केंद्र सरकार को भी भेदभाव नही करना चाहिए
बता दें यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई पेंशन योजना है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनकी सेवा की अवधि और अंतिम वेतन के आधार पर स्थिर पेंशन प्रदान करती है। इस योजना के तहत सेवानिवृत्ति के समय वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 10% हर छह महीने की सेवा के लिए एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
