हिमाचल प्रदेश में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त, सरकार ने कमेटी गठित की


शिमला- 31 जनवरी. हिमाचल प्रदेश सरकार ने आज अधिसूचना जारी कर यह घोषणा की है कि राज्य के अधिकांश ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया है। आपदा प्रबंधन कानून के कारण इन निकायों के चुनाव आयोजित नहीं हो सके, इसलिए इनका कार्यकाल स्वतः समाप्त माना गया है।

अब हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धाराओं के तहत इन निकायों को भंग किया गया है और उनकी जगह कार्यों के संचालन के लिए अस्थायी समितियाँ गठित की गयी हैं।

🔹 ग्राम पंचायतों के लिए समिति
• ब्लॉक विकास अधिकारी — अध्यक्ष
• पंचायत सचिव — सदस्य सचिव

🔹 पंचायत समिति के लिए समिति
• मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पंचायत समिति — अध्यक्ष
• सामाजिक शिक्षा व ब्लॉक योजना अधिकारी (SEBPO) — सदस्य
(यदि SEBPO का पद रिक्त हो, तो ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) द्वारा अधिकारी नामित किया जायेगा)

• पंचायत निरीक्षक / उप निरीक्षक — सदस्य सचिव
(अगर ये पद रिक्त हों तो BDO द्वारा अधिकारी नियुक्त किया जायेगा)

🔹 जिला परिषद के लिए समिति
• मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद — अध्यक्ष
• जिला विकास अधिकारी — सदस्य
• जिला पंचायत अधिकारी — सदस्य सचिव

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाली वित्तीय सहायता के मामलों में सदस्य सचिव निर्माता (Maker) तथा अध्यक्ष नियंत्रक (Checker) का कार्य करेंगे।

इस निर्णय की जानकारी प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों, विकास अधिकारियों, जिला पंचायत अधिकारियों, ब्लॉक विकास अधिकारियों को भेज दी गई है और इसे e-Gazette में भी प्रकाशित किया जायेगा।


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