शिमला-29 जनवरी. हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त बना हुआ है। बर्फबारी के तीन दिनों बाद भी सड़कें यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं. राज्य आपदा प्रबंधन के मुताबिक राज्य में 655 सड़कें, जिनमें 3 नेशनल हाईवे भी हैं, वाहनों के लिए बाधित या बंद हो गईं जिससे जनजीवन, यातायात और आपातकालीन सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है. प्रदेश के लाहौल स्पीति में सबसे अधिक 287 सड़कें बंद है. जिसमें (NH-003) रोहतांग पास से ATR नॉर्थ पोर्टल बंद है. जिस्पा से दारचा बंद है. यही राष्ट्रीय राजमार्ग दारचा से शिंकुला टॉप तक यातायात के लिए बाधित है. इसके अतिरिक्त (NH 505) ग्राम्फू से बटाल बंद है. वहीं, कीर्टिंग से थिरोट भी बंद पड़ा है. इसी तरह से यही राष्ट्रीय राजमार्ग उदयपुर से कधु नाला और पांगमो से कायटो व लोसार से बटाल तक बाधित है. वहीं चंबा में 40 सड़कें, कांगड़ा 2, किन्नौर 27, कुल्लू में 81 सड़कें बंद है. इसमें NH 305 बर्फबारी के कारण जालोरी दर्रे के पास बंद है. इसी तरह से मंडी में 77, सिरमौर में 3 और ऊना में 3 सड़कें बंद हैं.
बर्फबारी से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है. प्रदेश के कई जिलों के अंतर्गत 669 ट्रांसफार्मर अभी ठप है. जिस कारण इन ट्रांसफॉर्मर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है. चंबा जिला में 104 ट्रांसफार्मर, किन्नौर 6, कुल्लू 216, लाहौल स्पीति 22, मंडी 94, सिरमौर में 13 ट्रांसफार्मर अभी ठप हैं. इसके अलावा प्रदेश में कुल 147 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं. इसमें चंबा जिला 15, कुल्लू 54, लाहौल स्पीति 6 और सिरमौर में 9 पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं.
