शिमला-23 जनवरी. देवभूमि हिमाचल को नशे से मुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल के तहत जागरूकता गीत “चिट्टा मुक्त हिमाचल” का विमोचन 23 जनवरी को माननीय राज्यपाल पंजाब एवं प्रशासक चंडीगढ़ श्री गुलाब चंद कटारिया जी के कर-कमलों द्वारा किया गया।
यह गीत केवल एक संगीत रचना नहीं, बल्कि हिमाचल को नशे की जड़ों से मुक्त करने का एक जन-आंदोलन है, जो युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश देता है।
इस प्रेरणादायक गीत को अपनी सशक्त आवाज़ और हिमाचली लोक-संगीत की खुशबू से सजाया है प्रसिद्ध हिमाचली लोक गायक इंदर जीत ने। इंदर जीत ने इस गीत के माध्यम से लोक-संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। गीत के बोल, संगीत और भावनात्मक प्रस्तुति सीधे युवाओं के दिल को छूने वाली है।
विमोचन अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में ऐसे जागरूकता गीत समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूरी बनाकर राष्ट्र और समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
गीत “चिट्टा मुक्त हिमाचल” देवभूमि की संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक चेतना को दर्शाते हुए एक मजबूत संदेश देता है —
“चिट्टा जड़ से मिटाना है, देवभूमि हिमाचल प्रदेश चिट्टा मुक्त बनाना है।”
यह गीत आने वाले समय में नशा विरोधी अभियानों को नई दिशा और ऊर्जा देने वाला साबित होगा।
इससे पहले भी इंदर जीत नशे के खिलाफ़ अपनी बुलंद आवाज़ उठा चुके हैं। उनका पूर्व जागरूकता गीत “मता केरदे नशा” युवाओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय रहा, जो नशे की गिरफ्त में फँसे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और उन्हें इस दलदल से बाहर निकलने का सशक्त संदेश देता रहा है। इंदर जीत का प्रयास हमेशा से गीतों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता फैलाने का रहा है।
