शिमला-12 जनवरी. राज्य सरकार ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चिट्टा तस्करी में शामिल 11 पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की चिट्टा और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट और कठोर संदेश है कि कानून की रक्षा करने वाले पुलिस बल में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। जिन पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें विजिलेंस, सीआईडी, बटालियन, थानों और चिट्टे की तस्करी रोकने के लिए गठित एसआईयू में तैनात कर्मचारी हैं।
सोमवार को राज्य सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की है। अगर पुलिस कर्मी ही चिट्टा तस्करी में शामिल होंगे तो इसे रोकेगा कौन। चिट्टा तस्करी व अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चिट्टा तस्करी में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी में शामिल सभी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को शीघ्र भेजें। उन्होंने कर्मचारियों की चिट्टे से अर्जित संपत्ति की रिपोर्ट भी सरकार को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने पुलिस विभाग की ओर से चिट्टे के खिलाफ की कार्रवाई के बारे में बताया।
चिट्टा तस्करी मामले में सरकार ने भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, बिलासपुर में तैनात पुलिस कांस्टेबल शुभम ठाकुर, भारतीय रिजर्व बटालियन पंडोह में तैनात कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल शिव कुमार, शिमला पुलिस में तैनात कांस्टेबल लक्ष्य चौहान, स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो का कांस्टेबल विशाल ठाकुर, भारतीय रिजर्व बटालियन जंगलबैरी में तैनात कांस्टेबल गौरव वर्मा, भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह में तैनात कांस्टेबल संदीप राणा, एसडीआरएफ कांस्टेबल अंकुश कुमार, स्टेट सीआईडी में तैनात कांस्टेबल रजत चंदेल और शिमला में तैनात कांस्टेबल राहुल वर्मा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो ग्राम तक के चिट्टे की सूचना देने पर 10 हजार, पांच ग्राम पर 25 हजार, 25 ग्राम के लिए 50 हजार रुपये, एक किलो के लिए पांच लाख रुपये और एक किलो से अधिक मात्रा में चिट्टे की सूचना देने के लिए 10 लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। चिट्टे की जानकारी के लिए सरकार ने 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया है।
