Breaking: 50 हजार रुपए आय वाले परिवार भी हो सकेंगे BPL में शामिल


शिमला-11 जनवरी. प्रदेश में BPL सूची में शामिल होने के लिए सरकार ने लोगों को बहुत बड़ी राहत दी है. प्रदेश में अब सालाना 50 हजार आय वाले ऐसे परिवारों को भी BPL सूची में शामिल किया जाएगा जिनके पास रहने के लिए अपना पक्का मकान है. इसके लिए प्रदेश में दूसरे चरण का सर्वे चल रहा है, जिसमें अभी तक 35,355 अतिरिक्त परिवार अतिनिर्धन इस श्रेणी में जोड़े गए हैं. जिसके बाद प्रदेश में अति निर्धन परिवारों की अपरिवारों की कुल संख्या 63,070 हो गई है. वहीं, तीसरे चरण में निर्धन परिवारों की श्रेणी में अनाथ, दिव्यांग और विधवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे इन परिवारों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी. यह सर्वेक्षण सरकार चौथे और पांचवें चरण में भी करेगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इस सूची में शामिल किया जा सके.

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के उन पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध करवाएगी जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं. सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है.

सीएम सुक्खू ने कहा कि अति निर्धन परिवारों (पूअरेस्ट ऑफ द पुअर) के चयन के लिए किए गए सर्वेक्षण के पहले चरण में 27,715 परिवारों को शामिल किया गया है. ये वह परिवार हैं, जो पिछले 20 वर्षों से आईआरडीपी में शामिल थे, लेकिन उन्हें अभी तक पक्का मकान नहीं मिला है. पहले चरण के सर्वेक्षण में आय सीमा 50 हजार रुपए निर्धारित की गई थी. इसमें उन लोगों को शामिल नहीं किया गया था, जिनके पास पक्का घर है. ऐसे में दूसरे चरण के सर्वे में उन परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं. इस सर्वे के बाद 35,355 अतिरिक्त परिवार अतिनिर्धन श्रेणी में जोड़े गए हैं और अब इन परिवारों की कुल संख्या 63,070 हो गई है.

सीएम सुक्खू ने कहा कि तीसरे चरण में निर्धन परिवारों की श्रेणी में अनाथ, दिव्यांग और विधवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे इन परिवारों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी. यह सर्वेक्षण चौथे और पांचवें चरण में भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इस सूची में शामिल किया जा सके. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के हर चरण में उदारीकरण कर मानदंडों में छूट दी जा रही है. ताकि कोई भी पात्र परिवार आईआरडीपी से बाहर नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है. मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.


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