शिमला-15 सितंबर. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार यानी आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगेगी । कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों से जुड़े हायर ग्रेड पे के मुद्दे पर बड़ा निर्णय हो सकता है। इसके अलावा बिजली बोर्ड में बिजली मित्र के तहत नई भर्तियों पर भी फैसला हो सकता है। सरकार तीन बड़े विभागों में नई भर्ती को राज्य सरकार मंजूरी दे सकती है। करीब 1500 पदों पर ये भर्तियां होंगी। विभागों द्वारा एजेंडा के रूप में की गई तैयारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और ऊर्जा विभाग में नई भर्ती खुलने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में करीब 600 पद भरने का मामला कैबिनेट में जा रहा है। इसमें 200 पद डाक्टर के और 400 पद स्टाफ नर्स के हैं। सुपर स्पेशियलिटी में भी 30 पद भरे जा रहे हैं। हालांकि हैल्थ में रोगी मित्र भर्ती करने का मामला अभी नहीं आ रहा है, क्योंकि इसमें अभी स्वास्थ्य विभाग और वित्त विभाग के बीच में चर्चा चल रही है। दूसरी भर्ती शिक्षा विभाग में हो रही है।
उच्च शिक्षा विभाग के तहत कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 400 पद भरने की मंजूरी वित्त विभाग से मिल गई थी। अब कैबिनेट से नियुक्ति की मंजूरी ली जा रही है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से ये पद भरे जाएंगे। इनका आबंटन सब्जेक्ट वाइज अलग-अलग होगा। तीसरा बड़ा मामला बिजली बोर्ड का है, जो ऊर्जा विभाग के माध्यम से जा रहा है। राज्य में अब बिजली मित्र भर्ती हो रहे हैं। बिजली बोर्ड फील्ड कर्मचारियों के संकट से जूझ रहा है जिसे इस भर्ती से दूर किया जाएगा। ऊर्जा विभाग बिजली मित्र पॉलिसी लाने जा रहा है। इसमें यह भी तय हो जाएगा कि कितने पद भरे जाएंगे? इससे पहले वन मित्र और पशु मित्र पॉलिसी आ चुकी है।
कैबिनेट में शिक्षा विभाग का सबसे बड़ा मामला सीबीएसई स्कूलों को लेकर है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त 100 स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड में कन्वर्ट करना चाह रही है। सीएम ने 200 स्कूलों को सीबीएसई का करने की घोषणा कर रखी है। वहीं राज्य चयन आयोग के नए रेगुलेशन को लेकर भी कैबिनेट फैसला ले सकती है। पहले आयोग में स्टाफ सेलेक्शन कमीशन का ही रेगुलेशन चल रहा था। पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग कर दिया था और राज्य चयन आयोग के रूप में नया आयोग बनाया था, लेकिन इसके मुताबिक रेगुलेशन अभी तक नहीं था।
