शिमला-08 सितंबर.प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश से हुए नुकसान में प्रभावितों की मदद के लिए प्रदेश हाईकोर्ट ने हाथ बढ़ाया है. हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस डिजास्टर रिलीफ फंड 2025 के नाम से एक कोष की स्थापना की है. इस कोष में मुख्य न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीश, ज्यूडिशयरी से जुड़े लोग, बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के सदस्यों सहित वकील व अन्य उदारता से धन राशि का योगदान करेंगे, इसके लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है और साथ ही यूको बैंक में खाते की डिटेल भी जारी की गई है. हाईकोर्ट ने इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की है. इस कोष के लिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार कोष में आए नगद योगदान का ब्यौरा रखेंगे और फिर स्टेट लीगल सर्विसेज के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण को देंगे. जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव व सदस्य उन लोगों तक राहत पहुंचाएंगे, जिन्होंने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है. इस कोष में नगद रकम के अलावा कपड़े, बर्तन व अन्य घरेलू सामग्री का योगदान भी दिया जा सकता है. इस अधिसूचना के माध्यम से हाईकोर्ट के न्यायाधीशों सहित एडवोकेट जनरल, रजिस्ट्रार हाईकोर्ट, जिला व सेशन न्यायाधीशों, हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी के निदेशक, स्टेट लीगल सर्विसेज, जिला लीगल सर्विसेज के सचिवों, हिमाचल बार एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों सहित कानून के क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से इस फंड में योगदान की अपील की गई है.
