शिमला-17 अगस्त. हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के अंतर्गत, ब्यास बेली बैली पावर कॉरपोरेशन द्वारा संचालित मंडी जिला की तहसील लड़बडोल के चूल्हा गांव में स्थित ऊहल स्टेज -III परियोजना ने 16 अगस्त रात 12 बजे तक 100 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त कर लिया है। यह जानकारी बिजली बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने आज बोर्ड द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी। उन्होंने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुख्खू ने सत्ता सभालते ही इस परियोजना पर विशेष ध्यान दिया और अपना व्यग्तिगत निर्देशन दे कर इसे पूरा करवाया । क्योंकि यह परियोजना काफ़ी समय से लंबित पड़ी थी जिसके लिए मुख्यमंत्री को इस परियोजना को पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इसका निर्माण पूरा करवाने के लिए बोर्ड को विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान करनी पड़ी । अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा की इस परियोजना को पूर्ण करने में मुख्यमंत्री की विशेष कृपा और बोर्ड के प्रबंधन वर्ग द्वारा गुप्ता को सहयोग और सही समय समय पर सही निर्णय रहा है।उन्होंने इसके लिए अपने सभी प्रबंधन वर्ग के सदस्यों का उनके सहयोग के लिए आभार भी जताया है ।परियोजना के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया की इस परियोजना को 5 रूपए प्रति यूनिट की दर से अस्थाई टैरिफ दिया गया है।
इस परियोजना ने फरवरी 2025 के अंतिम सप्ताह में विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया था। और इसी कड़ी में यह परियोजना आजकल अपनी पूर्ण क्षमता पर 100 मेगावाट विद्युत का उत्पादन कर रही है। इस परियोजना से इस वित्तीय वर्ष में लगभग 389 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया जाना है जिससे प्रदेश को हर वर्ष लगभग 200 करोड़ रुपए की आय होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में सभी कर्मचारी ब अधिकारी बोर्ड के प्रबंधन वर्ग के निर्देशन में अपने पूर्ण विद्युत उत्पादन लक्ष्य की ओर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सपष्ट किया
हालांकि अतीत में इस परियोजना के निर्माण में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
परन्तु स्थानीय देवी- देवताओं के आशीर्वाद, सरकार का समय-समय पर सहयोग व मुख्यमंत्री द्वारा धन का उपलब्ध करवाना तथा जनता ब प्रशासन के सहयोग ने परियोजना के कर्मचारियों, अधिकारियों का मनोबल बनाये रखा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से किया जाने वाला विद्युत उत्पादन जोगिंदर नगर, मंडी, पट्टी (पालमपुर) व हमीरपुर स्थानों के बड़े सबस्टेशनों के माध्यम से उत्तरी ग्रिड में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के पर्यासो से पूरी हुई यह योजना भविष्य में भी हिमाचल के राजस्व के लिए एक वरदान साबित होगी।