शिमला-09 अगस्त.आज रक्षाबंधन का पावन पर्व देशभर में मनाया जा रहा है। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व होता है और यह हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर भद्राकाल का विशेष ध्यान दिया जाता है,लेकिन इस वर्ष न तो भद्राकाल का साया रहेगा और न ही पंचक का। हिंदू पंचांग के अनुसार आज रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय मिलेगा। आज रक्षाबंधन के दिन राहुकाल का समय प्रातः 09: 07 मिनट से लेकर 10:47 मिनट तक रहेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल के दौरान राखी बांधना और किसी भी शुभ कार्य को करना उचित नहीं माना जाता है।आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बार राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में राखी पूरे दिन बांधी जा सकेगी। अगर शुभ मुहूर्त का विचार करें तो आज राखी बांधने के तीन शुभ मुहूर्त मिलेंगे। पहला मुहूर्त सुबह से लेकर 9 बजे तक। दूसरा दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से लेकर 4 बजकर 30 मिनट तक। तीसरा शुभ मुहूर्त शाम 06 बजे से लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक।
राखी बांधते समय इस मंत्र का करें जाप
“येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”
अर्थ- जिस पवित्र सूत्र से महान दानवीर राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांध रही हूँ। हे रक्षा सूत्र! तुम स्थिर रहो, कभी ढीले या विचलित न हो।
राखी बांधने की विधि
9 अगस्त शनिवार को शुभ मुहूर्त से पहले रक्षा बंधन की थाली तैयार करें। इसमें कुमकुम, चावल, मिठाई, राखी, पानी से भरा लोटा और नारियल रखें। मुहूर्त में भाई और बहन आमने-सामने आसन पर बैठें। बहन, भाई के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाए, उसके हाथ में नारियल रखे और दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधे। राखी बांधते समय मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं और वस्त्र या अन्य उपहार दें। भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले और उसे उपहार दे।