शिमला-10 जुलाई. नगर निकाय चुनाव रिजर्वेशन रोस्टर के आदेशों पर राज्य चजनाव आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। राज्य चुनाव आयोग ने शहरी सचिव देवेश कुमार द्वारा जारी ऑर्डर को तत्काल वापस लेने के आदेश दिए हैं। आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्राधिकरण द्वारा जारी कार्यक्रम को स्थगित की शक्तियां शहरी विभाग के पास नहीं है। इसलिए तत्काल आदेश वापस लेकर चुनाव आयोग को सूचित किया जाए़।
दरअसल, स्टेट इलेक्शन कमीशन ने 2 महीने पहले हिमाचल के 73 नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत में वार्डों डिलिमिटेशन और आरक्षण रोस्टर को लेकर कार्यक्रम जारी किया। इन आदेशों के तहत सभी जिलों के DC को 68 नगर निकाय में कल यानी 11 जुलाई तक और 5 नगर निगम को 15 जुलाई तक हर हाल में वार्डों का डिलिमिटेशन और आरक्षण रोस्टर करने को कहा गया था।
इस बीच आज दोपहर के वक्त सेक्रेटरी UD ने सभी DC को रिजर्वेशन रोस्टर पोस्टपोन करने के लिए पत्र लिखा। इसमें नगर निकाय में SC और OBC के लेटेस्ट आंकड़े नहीं होने का तर्क देते हुए कहा गया कि जब तक SC-OBC जनगणना का लेटेस्ट डाटा उपलब्ध नहीं होता, तब तक रिजर्वेशन रोस्टर तय करने का काम रोक दिया जाए।
वहीं, स्टेट इलेक्शन कमीशन ने उपलब्ध आंकड़ों (साल 2011 के जनगणना) के आधार पर रिजर्वेशन रोस्टर लगाने के निर्देश दे रखे थे, क्योंकि 2021 में कोरोना के कारण जनगणना नहीं हो पाई थी। ऐसे में सेक्रेटरी UD के ऑर्डर से नया विवाद खड़ा कर दिया है।इलेक्शन कमीशन ने राज्य सरकार को फटकार लगाई और अब सभी जिलों को तय कार्यक्रम के हिसाब से रिजर्वेशन रोस्टर तय करने के आदेश दिए।
प्रदेश में शिमला नगर निगम को छोड़कर सभी नगर निकायों में इसी साल चुनाव होने है। यह चुनाव 7 नगर निगम, 29 नगर परिषद और 37 नगर पंचायत में होने है। शहरी निकाय के साथ साथ 3600 से ज्यादा पंचायतों में भी चुनाव होने है। नगर निकाय चुनाव के लिए इलेक्शन कमीशन ने 2 महीने पहले वार्डबंदी, डिलिमिटेशन, रिजर्वेशन रोस्टर तय करने का शेड्यूल जारी किया। इसके मुताबिक कल यानी 11 जुलाई तक सभी वार्डों की रिजर्वेशन करनी होगी। 15 जुलाई तक आरक्षित वार्डों की पूरी जानकारी चुनाव आयोग को देनी है।
