Breaking: प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती परीक्षा मामले में इन दो एजंसियों को नोटिस किया जारी


शिमला-04 जुलाई. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मामले में राज्य सरकार सहित लोक सेवा आयोग और सीबीआई को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है. न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने अमन अरोड़ा व अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए.

प्रार्थियों ने परीक्षा को रद्द कर परीक्षार्थियों द्वारा लगाए आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की है. प्रार्थियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने की बातें सामने आई है. आरोप है कि परीक्षा पत्र चार-चार लाख रुपए में बिके हैं. कुछ लोगों को इस मामले में कांगड़ा पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई. लगभग 1600 अभ्यर्थियों ने ई-मेल के माध्यम से लोक सेवा आयोग को इसकी शिकायत भेजी है, लेकिन आयोग की तरफ से इसमें कोई संज्ञान नहीं लिया गया है. अब प्रार्थियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. प्रार्थियों ने पेपर को रद्द करने की मांग के साथ ही सीबीआई जांच की मांग भी की है. ताकि सच्चाई सामने आ सके.

बात दें कि हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी का मामले सामने आया. शातिरों द्वारा अभ्यर्थियों को पुलिस के रिटन एग्जाम में पास करवाने का झांसा देकर पैसों की ठगी की जा रही थी. ऐसा ही मामला कांगड़ा जिले से भी सामने आया था. कांगड़ा जिले में भी पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा को पास करवाने के नाम पर लोगों से ठगी की गई, जिसे लेकर पालमपुर पुलिस ने 7 लोगों को डिटेन किया था. जिनसे पुलिस ने पूछताछ की और एफआईआर भी दर्ज की गई. वहीं, इन आरोपियों में से दो आरोपियों विक्रम एवं बलविंद्र उर्फ सोनू जरयाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपी कांगड़ा जिले के ज्लावी के रहने वाले हैं. पुलिस द्वारा मामले में अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.

मामले को लेकर पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधा था. सुक्खू सरकार पर सवाल खड़े करते हुए पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा था कि पुलिस भर्ती ठगी मामले में सीएम को दोषियों के खिलाफ जांच बिठाकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. ताकि गरीब लोगों के साथ न्याय हो सके. पेपर ठगी के इस मामले में कुछ आरोपियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया गया है. लेकिन यह मामला पेपर ठगी का है या फिर पेपर लीक से संबंधित है, इसकी भी जांच होना जरूरी है. यदि जांच में पेपर लीक पाया जाता है तो पेपर को रद्द कर दोबारा करवाना चाहिए.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *