शिमला-17अप्रैल.जनता के पैसों का किस तरह से दुरुपयोग होता है इसका एक जीता जागता उदाहरण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जहाँ प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव होली पर्व पर एक पार्टी का आयोजन करते हैं जिसका बिल मुख्य सचिव के नाम नहीं बल्कि प्रदेश सरकार सचिव GAD के नाम पर काटा गया है। बिल अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना द्वारा होली के अवसर पर राज्य के अधिकारियों और उनके परिजनों के लिए आयोजित की गई पार्टी का खर्च अब चर्चा का विषय बन गया है। यह कार्यक्रम सेवा विस्तार के बाद आयोजित किया गया था जिसमें प्रदेश के लगभग 75 आईएएस अधिकारी अपने परिवार के साथ शामिल हुए थे। इस होली मिलन समारोह में अधिकारियों के बच्चे, चालक और अन्य परिचारक भी मौजूद थे। इस आयोजन का कुल बिल ₹1,22,020 बना है, जिसे अब सरकारी खर्चे में शामिल किया गया है। आयोजन किसी निजी स्थल या घर पर न होकर होटल में किया गया था, जिसके चलते होटल प्रबंधन ने यह बिल राज्य सरकार को भुगतान हेतु सौंपा है।


अब यह बिल प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के पास भेजा गया है, जहां से इसके भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामला इसलिए चर्चित हो गया है क्योंकि यह आयोजन एक निजी उत्सव था जिसका खर्च जनता के करदाताओं की जेब से उठाया जा रहा है। इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चुप्पी और असहजता दोनों देखी जा रही है। हालांकि, इस आयोजन को लेकर अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक सफाई या टिप्पणी सामने नहीं आई है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या इस तरह के निजी आयोजन सरकारी खर्चे पर कराए जाने उचित हैं, खासकर तब जब प्रदेश वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है।
