शिमला-07 अप्रैल. HPPCL के पूर्व एमडी और IAS अधिकारी हरिकेश मीणा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। अब यह मामला 9 अप्रैल को दोबारा सुना जाएगा।
यह मामला तब सामने आया जब 18 मार्च को पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव बिलासपुर के गोविंद सागर झील से बरामद हुआ था। उनके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तत्कालीन एमडी हरिकेश मीणा, डायरेक्टर देसराज और डायरेक्टर शिव प्रताप सिंह उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
इस मामले में न्यू शिमला थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा इस मामले की अलग से जांच कर रहे हैं। ओंकार शर्मा ने भी दो दिन पहले हरिकेश मीणा से सचिवालय में करीब दो घंटे तक पूछताछ की थी।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और ACS की जांच में कई अहम सबूत मिले हैं, जो आरोपों की पुष्टि करते हैं। पुलिस ने भी हरिकेश मीणा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने अब तक जांच में शामिल नहीं हुए थे। फिलहाल उन्हें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी से राहत तो मिली है, लेकिन जांच में पूरी तरह सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
