Breaking: SP की पोस्ट से पुलिस विभाग में हड़कंप


शिमला-21मार्च. HPPCL के पूर्व चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत ने सरकारी विभागों में अफसरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में विमल नेगी के परिजनों ने बिजली विभाग के बड़े अफसरों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद हिमाचल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी अफसरशाही के रवैये पर चिंता जताई है।

शिमला में सीआईडी (इंटेलिजेंस) के एसपी भूपेंद्र नेगी ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हालांकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से उजागर नहीं किया। इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है और कर्मचारी अब खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।शिमला में सीआईडी (इंटेलिजेंस) के एसपी भूपेंद्र नेगी ने फेसबुक पर लिखा, “हिमाचल पुलिस में भी एक ऐसा बहुत बड़ा अधिकारी है, जिसने बहुत सारे ऑफिसर को परेशान कर रखा है। कभी कहीं कोई…”। हालांकि उन्होंने विमल नेगी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी यह पोस्ट मौजूदा हालात से जोड़कर देखी जा रही है। इस पोस्ट के बाद कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया है और वे खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।

बता फें कि विमल नेगी HPPCL में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। 10 मार्च, 2025 को वह शिमला से अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद 18 मार्च को उनकी लाश बिलासपुर के भाखड़ा डैम में मिली। परिजनों का आरोप है कि विभाग के अफसरों ने उन्हें इतना प्रताड़ित किया कि वह इस कदम तक पहुंच गए। विमल नेगी के गायब होने से पहले वह शिमला के एक निजी अस्पताल में जांच के लिए गए थे, लेकिन बिना जांच करवाए पर्ची बनवाकर लौट आए। इसके बाद उन्होंने ओल्ड बस स्टैंड पर सरकारी गाड़ी छोड़ी और टैक्सी से बिलासपुर चले गए, जहां उनकी मौत की खबर आई। विमल नेगी की मौत के बाद अफसरशाही पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि यह पहला मामला नहीं है जब सरकारी विभागों में प्रताड़ना की बात सामने आई हो। परिजनों के आरोपों और पुलिस में दर्ज केस ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। सोशल मीडिया पर कई कर्मचारी और रिटायर्ड अफसर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं, जिसमें उच्चाधिकारियों द्वारा प्रताड़ना की घटनाएं शामिल हैं। यह मामला अब केवल एक मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल बन गया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, विपक्षी दल भाजपा सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी हुई है। यह मामला हिमाचल प्रदेश में सुर्खियों में बना हुआ है और आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इसकी दिशा तय करेंगे। कर्मचारियों और परिजनों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है।


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