नई दिल्ली-01 फरवरी. संसद में केंद्रीय बजट 2025 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख की इनकम तक कोई भी इनकम टैक्स नहीं लगेगा। नई व्यवस्था के तहत नए स्लैब इस प्रकार हैं- 4 से 8 लाख रुपये – 5% 8 से 12 लाख रुपये – 10% 12 – 16 लाख रुपये – 15% 16 – 20 लाख रुपये – 20% 20 – 24 लाख रुपये – 25% 24 लाख रुपये से अधिक – 30% आयकर स्लैब।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “जुलाई 2024 के बजट में, विवरण दाखिल करने की नियत तारीख तक टीडीएस के भुगतान में देरी को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया; मैं टीसीएस प्रावधानों से भी यही प्रस्ताव करती हूं।” निर्मला सीतारमण ने कहा कि नया और सरल आयकर विधेयक अगले हफ्ते पेश किया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025 में कृषि और एमएसएमई जैसे कई फोकस क्षेत्रों के लिए कई उपायों का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने लगातार आठ बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली एकमात्र वित्त मंत्री होने की उपलब्धि हासिल की है।
केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 01 फरवरी, 2025 को संसद में केन्द्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 ने पर्यटन को रोजगार प्रेरित विकास के रूप में स्थापित किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार आधारित विकास हेतु युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम की पहल की गई है। इसके साथ ही होमस्टे के लिए मुद्रा लोन, यात्रा सुगमता में सुधार और पर्यटन स्थलों तक संपर्क, ई-वीजा सुविधा में सरलीकरण और राज्यों को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन जैसे उपाय भी किए गए हैं।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यों के सहयोग से देश में 50 पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे। होटल व अन्य प्रमुख अवसंरचनाओं के विकास के लिए भूमि की व्यव्स्था राज्यों द्वारा की जाएगी और इन क्षेत्रों में बनने वाले होटलों को अवसंरचना एचएमएल में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक व धार्मिक महत्वों के स्थलों और भगवान बुद्ध के जीवन काल से जुड़े स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अपने संबोधन में निर्माला सीतारमण ने कहा कि क्षमता निर्माण और वीजा नियमों को सरल बनाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के सहयोग से चिकित्सा पर्यटन और स्वास्थ्य लाभ को बढ़ावा दिया जाएगा।
केन्द्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन का कुल बजटीय परिव्यय बढ़ाकर 67,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह मिशन 2028 तक बढ़ा दिया गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की ग्रामीण आबादी के 80 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 करोड़ लोगों को 2019 से जल जीवन मिशन से फायदा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि इस मिशन के तहत नल का पेयजल उपलब्ध कराया जाता है और अगले 3 वर्षों में मिशन का लक्ष्य शत प्रतिशत लोगों को नल का पेयजल उपलब्ध कराना है। निर्मला सीतारमण ने सूचित किया कि इस मिशन का मुख्य ध्यान अवसंरचना की गुणवत्ता और “जन भागीदारी” के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप से जल आपूर्ति योजना के प्रचालन और रखरखाव (ओएण्डएम) पर होगा। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पृथक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया जाएगा ताकि, इसकी संधारणीयता और नागरिक – केंद्रित जल सेवा वितरण को सुनिश्चित किया जा सके।
