Breaking: 50 छात्र से कम संख्या वाले कॉलेज होंगे बंद


शिमला-27 जनवरी. प्रदेश सरकार कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने के बाद अब कम इनरोलमैंट वाले कालेजों को बंद करने जा रही है। सरकार ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए शिक्षा विभाग से ऐसे कालेजों का ब्यौरा तलब किया है, जहां छात्र संख्या 50 या इससे कम है। इन कालेजों को बंद किया जाएगा और इन कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों को साथ लगते कालेजों में भेजा जाएगा, जहां छात्र इनरोलमैंट बेहतर होगी। इसके साथ ही कालेजों के शिक्षकों का भी युक्तिकरण होगा। बताया जा रहा है कि मुख्यालयों व शहरों के कालेजों में दूर-दराज क्षेत्रों के कालेजों के मुकाबले छात्रों की संख्या बेहतर है। ऐसे में सरकार इनको मर्ज करने जा रही है।

सरकार ने विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके बाद कैबिनेट को इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। हालांकि प्रदेश सरकार ने 10 से कम छात्र संख्या वाले मिडल स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे 300 से ज्यादा स्कूलों का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है। विभाग इन स्कूलों के शिक्षकों का युक्तिकरण करेगा। इस समय इन स्कूलों में 800 से ज्यादा शिक्षक कार्यरत हैं। स्कूलों को मर्ज करने के बाद इन्हें भी साथ लगते ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है।कालेजों की इंटरनल रैंकिंग के मामले पर विभाग को सुझाव व आपत्तियां मिली हैं। ऐसे में अब इस मामले पर भी विभाग जल्द फैसला लेगा। हालांकि इस दौरान विभाग कालेजों की दोबारा से इंटरनल असैसमैंट करवाने का भी फैसला ले सकता है। इसके लिए निदेशालय स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी।

फरवरी के पहले सप्ताह में स्कूलों की छुट्टियों का नया शैड्यूल जारी हो सकता है। इसके लेकर भी विभाग को सुझाव व आपत्तियां मिल गई हैं। ऐसे में विभाग जल्द इसे फाइनल करके जारी कर सकता है। नए सैशन के लिए यह शैड्यूल जारी किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इससे पहले विभाग स्टेक होल्डर्स के साथ भी मामले पर बैठक कर सकता है।


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