Breaking: बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड मामले में IG जहूर जैदी समेत आठ दोषी पुलिस जवानों को CBI कोर्ट आज सुनाएगी सजा


शिमला-27 जनवरी. बहुचर्चित गुड़िया रेप-मर्डर केस में पुलिस कस्टडी में आरोपियों की मौत के मामले को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट आईजी सहित 8 पुलिस अधिकारियों को सजा सुनाएगी. इस मामले में कोर्ट पहले ही इन सभी को दोषी करार दे चुका है. दोषी आईजी के अलावा, डीएसपी मनोज जोशी, SI राजिंदर सिंह, ASI दीप चंद शर्मा, ऑनरेरी हेड कांस्टेबल मोहन लाल और सूरत सिंह, हेड कांस्टेबल रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रानित सटेटा शामिल है.कोर्ट ने सभी आरोपियों को आईपीसी एक्ट 120-बी, 302 को 120-बी, 330 को 120-बी, 348 को 120-बी, 195 को 120-बी, 196 को 120-बी, 218 को 120-बी और 201 को 120-बी के साथ दोषी ठहराया है। वहीं कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते शिमला के तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी को बरी कर दिया गया था.

बता दें कि साल 2017 शिमला के कोटखाई में गुड़िया का रेप करके उसकी हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में सूरज नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी कस्टडी में मौत हो गई. पुलिस ने सूरज की हत्या का आरोप दूसरे आरोपी राजू पर लगा दिया. हालांकि लॉकअप में सूरज की हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने कोटखाई पुलिस थाना फूंकने की कोशिश की. इसके बाद तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने केस की जांच सीबीआई को सौंप दिया.सीबीआई ने इस मामले में आईजी और एसपी शिमला सहित 9 पुलिस अधिकारियों व जवानों को गिरफ्तार किया था. सीबीआई की जांच में पता चला कि सूरज की मौत पूछताछ के दौरान पुलिस टॉर्चर से हुई. इसके आधार पर सीबीआई ने आईजी जैदी सहित मामले से जुड़े 9 अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या की धारा 302, सबूत मिटाने की धाराओं सहित अन्य कई संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया. सूरज के शरीर पर 20 से ज्यादा चोट के निशान मिले थे. एम्स के डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट में सूरज को यातना देने की पुष्टि हुई थी. साल 2017 में ये केस शिमला की जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में ट्रांसफर हो गया. जहूर जैदी 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.


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