शिमला-18 जनवरी. बहुचर्चित गुड़िया रेप व हत्याकांड मामले में गिरफ्तार आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में हत्या के मामले में शिमला के आईजी जहूर हैदर जैदी सहित 8 पुलिसकर्मी दोषी करार दिए गए हैं। कोर्ट ने एक अधिकारी और शिमला के पूर्व एसपी नेगी को बरी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। इस मामले में सजा पर फैसला 27 जनवरी को होगा।
बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को लापता हुई 16 वर्षीय छात्रा का शव कोटखाई के तांदी के जंगल में निर्वस्त्र हालत में मिला था। मामले जांच के लिए शिमला के तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी, जिसने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक नेपाली युवक सूरज की कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो गई थी। मौत का यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया और जांच में खुलासा हुआ कि सूरज की मौत पुलिस प्रताड़ना के कारण हुई थी। इसी आधार पर सीबीआई ने आईजी जैदी सहित मामले से जुड़े नौ अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या की धारा 302, सुबूत खुर्द-बुर्द करने की धारा 201 सहित अन्य कई संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। वर्ष 2017 में इस मामले को शिमला जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया था। बाद में आठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बहाल हो गए थे, जबकि जैदी की सेवाएं बहाल नहीं हुई थीं। 2023 में जैदी की सेवाएं बहाल कर दी गई थी। वर्ष 2017 से चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में इस केस की सुनवाई हो रही है।
