हिमाचल प्रदेश में WDC-PMKSY 2.0 के अंतर्गत “वॉटरशेड महोत्सव” का सफल आयोजन, जल संरक्षण को मिला जन-आंदोलन का स्वरूप


शिमला-22दिसंबर. ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूरे भारत में 12 नवंबर से 16 दिसंबर तक “वॉटरशेड महोत्सव” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में भी व्यापक स्तर पर वॉटरशेड महोत्सव आयोजित किया गया। राज्य स्तरीय वॉटरशेड महोत्सव 12 नवंबर को सोलन जिला के प‌ट्टा विकास खंड में आयोजित किया गया, जिसमें जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन तथा ग्रामीण आजीविका सुदृढीकरण पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी 12 जिलों एवं WDC-PMKSY 2.0 को कार्यान्वित करने वाले 26 विकास खंडों में भी 17 नवंबर से 16 दिसंबर तक “वॉटरशेड महोत्सव” का सफल आयोजन किया गया। वॉटरशेड महोत्सव के दौरान, 8.50 करोड़ रुपये की लागत वाले 221 कार्यों का भूमि पूजन तथा 5.33 करोड़ रुपये की लागत वाले 142 कार्यों का लोकार्पण किया गया। ये एनआरएम (NRM) और उत्पादन प्रणाली के विभिन्न कार्य थे जैसे चेक डैम, तालाब, कृषि-टूलकिट का वितरण आदि। वॉटरशेड महोत्सव के दौरान जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, मृदा संरक्षण, वृक्षारोपण तथा जन-जागरुकता से संबंधित अनेक गतिविधियां आयोजित की गई, जिसमें जन-प्रतिनिधियों, किसानों, स्थानीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों एवं महिला मंडलों तथा अन्य सम्बंधित विभागों की सक्रिय सहभागिता रही। इस कड़ी में विभीन्न विकास खंडो में अन्य कार्यक्रम जैसे प्रभात फेरी, स्लोगन लिखना व रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई।

इसके अतिरिक्त इस महोत्सव के तहत ही एक सोशल मीडिया प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रहा है जो 31 दिसंबर तक चलेगा। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागी को जल संरक्षण से संबंधित कार्यों पर आधारित Reels (रील्स) तथा Photographs (फोटो) को अपने Social Media Profile पर पोस्ट करना होगा और इस पोस्ट का लिंक वाटरशेड महोत्सव के पोर्टल पर रजिस्टर करने क बाद शेयर करना होगा। इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ 4 Reels को 50 हजार रुपये प्रति रील तथा 50 Photographs को 1000 रुपये प्रति फोटो की दर से पुरस्कार दिए जाएंगे। निदेशक महोदय ने आम जनता से इस प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर जल संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

वॉटरशेड विकास कार्यक्रम हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जल संकट से निपटने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने “वॉटरशेड महोत्सव” के तहत जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल बताया तथा हिमाचल प्रदेश में इसके सफल आयोजन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, जन-प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीण समुदाय का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी वॉटरशेड विकास कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है।


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