शिमला-31 दिसंबर. राजधानी शिमला में विंटर कार्निवल के दौरान रिज मैदान पर लगाए गए फूड स्टॉल के खिलाफ प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए इस मामले में प्रतिवादी राज्य सरकार, शिमला नगर निगम, DC शिमला और न्यू लाईट एंड साउंड के मालिक विनय कुमार को नोटिस जारी किए हैं. अदालत ने प्रतिवादियों से पहली जनवरी तक याचिका का जवाब देने को कहा है. इस मामले पर हिमाचल हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ सुनवाई कर रही है. 1 जनवरी को मामले पर सुनवाई होगी.हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने आदेश दिए हैं कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मॉल और रिज की ओर जाने वाली सड़कों पर स्टॉल के कारण मार्ग अवरुद्ध न हो. पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए पर्याप्त स्थान छोड़ा जाए. अदालत ने कहा कि, यह सुरक्षा का भी विषय है ऐसे में आपात स्थिति में एम्बुलेंस को उक्त मार्ग से गुजरना पड़ सकता है. ऐसे में आपात स्थिति को देखते हुए अदालत ने मार्गो को खुला रखने के आदेश दिए हैं.
याचिका में कहा गया कि, शिमला में विंटर कार्निवाल के दौरान 22 दिसंबर से 31 दिसंबर तक रिज मैदान पर फूड स्टॉल लगाने के लिए टेंडर निकाले गए थे. ये टेंडर प्रतिवादी प्रतिवादी विनय कुमार को आवंटित किया गया है, जिसने इसे आगे सबलेट किया है. न्यायालय ने मामले पर संज्ञान लेते हुए माना हालांकि रिज पर फूड स्टॉल लगाने की अवधि केवल 1 जनवरी 2026 तक है. लेकिन, इसी तरह की समस्या जून महीने में आयोजित होने वाले समर फेस्टिवल के दौरान दोबारा उत्पन्न होगी. लिहाज़ा ये दोहराई जाने वाली स्थिति है ऐसे में इस के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाने की आवश्यकता है. मामले में स्टेट, DC शिमला, शिमला नगर निगम, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और विनय कुमार को पार्टी बनाया गया है.
जनहित याचिका में कहा गया है विंटर कार्निवल के दौरान रिज और गेयटी थिएटर के आसपास मनोरंजन गतिविधियों तथा खान पान के लिए अस्थायी स्टॉल लगाए गए हैं. रिज मैदान पर दस दिनों के लिए 22 दिसंबर से 31 दिसंबर अस्थाई स्टॉल के लिए टेंडर निकाले गए थे. याचिका में आरोप है कि इसके चलते चारों ओर खाद्य स्टॉल लगाए गए हैं. इस से मॉल रोड पर पैदल चलने के मार्ग में अवरोध उत्पन्न हो गया है. इसके अलावा बिना किसी नियंत्रण के गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है. पानी की सप्लाई के बगैर खाद्य स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं. इसके कारण रिज मैदान पर अत्यधिक गंदगी फैल रही है.
याचिका में आरोप है कि, इन फूड स्टॉल में खाद्य मानकों की जांच नहीं की जा रही है. यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन है. इसके अलावा पार्किंग के ऊपरी तल का उपयोग भी इसी प्रकार स्टॉल लगाने के लिए किया गया है. याचिका में आरोप लगाया है कि छुट्टियों के समय में शिमला आने वाले पर्यटकों के वाहनों की संख्या का ध्यान नहीं रखा गया. इसके कारण शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
