शिमला- 27 जनवरी. गणतंत्र दिवस के मौके पर ऐतिहासिक रिज मैदान पर एक लावारिस सुटकेस ने उस समय सनसनी फैला दी जब परेड समाप्त हो गई। पुलिस ने आनन फानन में चारों ओर से लावारिस सुटकेस को बैरीगेट से घेर दिया और जनता को दूर कर दिया। डीसी शिमला के ऑफिसियल मेल पर दो दिन पहले मिली बंब धमकी भरी ईमेल के मद्देनजर पुलिस तुरन्त चौकस हो गई जिसके बाद पुलिस ने लावारिस सूटकेस बरामद किया।
एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि अतिसंवेदनशील रिज ग्राउंड की सीसीटीवी निगरानी शिमला पुलिस की लगातार नजर में थी। परेड बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुई और परेड के लगभग चार घंटे बाद शाम 5:30 बजे जिला सीसीटीवी निगरानी में रिज ग्राउंड पर पड़ा एक लावारिस सूटकेस दिखाई दिया। बम धमकी की आशंका को देखते हुए तुरंत उस क्षेत्र को घेर लिया गया।
एसएसपी ने बताया किसी ने भी इस लावारिस सूटकेस की शिकायत नहीं की थी, लेकिन सतर्क शिमला पुलिस, जिसने पूरे शहर को सख्त निगरानी में रखा था, ने इसे पहचाना। जैसे ही सीसीटीवी कैमरे के नियंत्रण कक्ष में सूटकेस दिखा, एक एंटी-बम दस्ता तत्काल स्थल पर पहुंचा। बाद में इस सूटकेस का दावा आईआईटी के पूर्व छात्रों के एक समूह ने किया।
उन्होंने बताया कि छात्रों को सदर पुलिस स्टेशन बुलाया गया जहां उनसे एक-एक कर पूछताछ की गई। बाद में पता चला कि पर्यटक के रूप में आए युवकों में से एक ने यह समझकर सूटकेस असंरक्षित छोड़ दिया था कि वह उसके दूसरे मित्र के पास है। जब उन्हें पता चला कि वे सूटकेस छोड़ आए हैं, तो वे रिज ग्राउंड की ओर दौड़ पड़े।
एसएसपी ने बताया हमने अतिसंवेदनशील स्थल की सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं देखी और सूटकेस का पता लगाने की यह घटना इस तथ्य की पुष्टि है कि शिमला पुलिस ने स्थल के खाली होने के बाद भी, बिना किसी सूचना के, एक बैग का पता लगाया। यह दर्शाता है कि गणतंत्र दिवस परेड के बाद भी पुलिस ने स्थल को संवेदनशील बनाए रखा। अभूतपूर्व बर्फबारी के बीच, शिमला पुलिस ने गणतंत्र दिवस स्थल का प्रबंधन किया। अधिकांश सड़कें अवरुद्ध होने के बाद सभी सूटकेस और बैग्स की जांच करना आसान नहीं था, लेकिन लगातार सतर्कता बनाए रखकर किसी भी दुर्घटना या गलत कार्य को टाला जा सका।
