शिमला-18 मई. व्यवस्था परिवर्तन नारे के साथ काम कर रही सुक्खू सरकार के लिए अच्छी खबर नहीं हैं. शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के गृह जिले के गांव के स्कूल में दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शर्मसार करने वाला रहा है. शिक्षा मंत्री के गांव के स्कूल के सभी बच्चे 10वीं की परीक्षा में फेल हो गए. अहम बात है कि इस स्कूल में बीते दो साल से मैथ्स का टीचर स्टडी लीव पर था और शिक्षा मंत्री ने खाली पद को भरने की जहमत तक नहीं उठाई.
जानकारी के मुताबिक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल को मंत्री ने गोद लिया था. इस में दसवीं में कुल 20 छात्र थे, जिसमें 10 छात्र फेल हो गए हैं.उधर, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुब्बल में 19 में से 8 छात्राएं फेल हुई हैं. मीडिया से बातचीत में पौटा धार स्कूल के प्रिंसिपल सुनील ने कहा कि पिछले 2 साल से यहां पर मैथ्स के टीचर स्टडी लीव पर है और ऐसे में बच्चों की गणित की पढ़ाई नहीं हो पाई.जुब्बल स्कूल के प्रिंसिपल केशव शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बच्चों के फेल होने का साफ कारण नहीं बताया.कन्या स्कूल जुब्बल के प्रिंसिपल नरेंद्र चौहान ने समाचार पत्रों से बातचीत में कहा कि स्कूल की 19 में से 8 छात्राएं फेल हुई है. उन्हें अच्छे रिजल्द की उम्मीद थी. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रदेश में जिन भी स्कूलों का रिजल्ट अच्छा नहीं आया है, उनसे रिपोर्ट मांगी है. अहम बात है कि हिमाचल प्रदेश में 10वीं इस बार कुल 79.08 फीसदी बच्चे पास हुए थे. कांगड़ा की साइना ठाकुर ने 99.43% अंकों के साथ पूरे प्रदेश में टॉप किया है.
बता दें कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर शिमला जिले के कोटखाई जुब्बड़ के पौटा (धार), के रहने वाले हैं. यहां पर पैतृक गांव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में है और इसके दसवीं कक्षा के सभी छह छात्र फेल हो गए. इतना ही नहीं, जिस स्कूल को खुद शिक्षा मंत्री ने गोद लिया था, वहां भी 20 में से 10 छात्र परीक्षा में पास नहीं हो पाए. रोहित ठाकुर के पिता राम लाल ठाकुर के नाम पर यह स्कूल है. ऐसे में बड़े सवाल सरकार और शिक्षा मंत्री पर उठ रहे हैं.