शिमला -27 जुलाई. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा प्रभावितों जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत होती है तो सुख की सरकार उन पर नमक छिड़कती है। आपदा प्रभावितों को फौरी राहत देने की जरूरत होती है। दुःख की बात है कि सरकार उन्हें फौरी राहत तो दे नहीं सकती इसलिए उन पर फौरन एफआईआर करवा रही है। यह हिमाचल ही नहीं दुनिया के इतिहास में सबसे अजूबा मामला है जहां आपदा प्रबंधन का मंत्री आपदा क्षेत्र में जाता है और आपदा प्रभावितों के खिलाफ एफआईआर करवाकर वापस आता है। आपदा प्रभावितों में लोग राहत और बचाव कार्य करने जाते हैं, पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्य करने जाते हैं लेकिन प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन वाली ऐसी सरकार है जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर वहां के संस्थान छीनती है। आपदा प्रभावितों की मदद करने के लिए जो लोग तन मन धन से लगे हैं, उनकी मंशा पर सवाल खड़े करके उनका मनोबल तोड़ने का प्रयास करती है। जो लोग कुछ नहीं कते हैं वही लोग कुछ कर रहे लोगों के मनोबल को तोड़ने की कोशिश करते हैं। हालांकि ऐसे लोगों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा प्रभावित सरकार की करगुजारियों के खिलाफ, प्रभावितों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाले लोगों के खिलाफ क्या भावनाएं भी नहीं व्यक्त कर सकते। लोगों द्वारा अपनी नाराजगी व्यक्त करने पर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा लगेगा? अगर मुकदमा लगाने से ही आपदा प्रभावितों की समस्या का हल होता है तो मेरे खिलाफ भी सरकार मुकदमा दर्ज करें और जो कार्रवाई करनी है करे। आपदा के इस कठिन दौर में आपदा प्रभावितों के लिए कुछ न कर पाने वाली सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए चाहे जितना तानाशाही पूर्ण रवैया अपना ले लेकिन सच लोगों के सामने आ ही जाएगा। हम एफआईआर से डरने वाले नहीं है। तानाशाही का, अराजकता का, कुशासन का दौर ज्यादा लंबा चलता नहीं है। मुख्यमंत्री और सरकार के लोगों को यह बात याद रखनी होगी।